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मेरठ कैंट में स्टिल्ट पार्किंग और बेसमेंट निर्माण की छूट:300 वर्गमीटर या अधिक के भवनों में सोलर और रेनवाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्यहर्षवर्धन पूनिया। मेरठ4 मिनट पहले
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मेरठ कैंट क्षेत्र में रहने वाले लोगों और संपत्ति मालिकों का भी अब शहरों की तर्ज पर आधुनिक भवन निर्माण, बेहतर पार्किंग और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रावधान लागू होने का रास्ता साफ हो गया है। रक्षा मंत्रालय ने ‘मेरठ कैंट भवन निर्माण उपविधि-2026’ को लेकर ड्राफ्ट अधिसूचना जारी की है। कैंट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जाकिर हुसैन ने इसकी सूचना जारी करते हुए नागरिकों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
स्टिल्ट पार्किंग और बेसमेंट की सुविधा
नई उपविधि लागू होने के बाद कैंट क्षेत्र में भवनों में बेसमेंट और स्टिल्ट पार्किंग की अनुमति मिल सकेगी। भवन मालिक ग्राउंड फ्लोर पर स्टिल्ट पार्किंग बनाकर उसके ऊपर आवासीय या व्यावसायिक निर्माण करा सकेंगे। इससे पार्किंग की समस्या कम होने के साथ सड़कों पर खड़े वाहनों और जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है। नई व्यवस्था से कैंट क्षेत्र में आधुनिक भवन, अपार्टमेंट और व्यावसायिक परिसरों के निर्माण का रास्ता आसान होगा। इससे क्षेत्र में नियोजित शहरी विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
300 वर्गमीटर में सोलर अनिवार्य
पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी ड्राफ्ट में अहम प्रावधान किए गए हैं। 300 वर्गमीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल में बनने वाले नए भवनों में सोलर एनर्जी सिस्टम लगाना अनिवार्य किया जाएगा। इसके साथ ही भूजल संरक्षण के लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की व्यवस्था भी अनिवार्य होगी।
30 दिन में दे सकेंगे सुझाव और आपत्ति
रक्षा मंत्रालय की ओर से ड्राफ्ट अधिसूचना जारी होने के बाद कैंट बोर्ड ने नागरिकों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। लोग 30 दिनों के भीतर अपने सुझाव या आपत्तियां रक्षा मंत्रालय अथवा मेरठ कैंट बोर्ड कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं। अंतिम उपविधि सुझावों और आपत्तियों पर विचार के बाद लागू की जाएगी।
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