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डीएम ने बाल श्रम उन्मूलन, श्रम बंधु योजनाओं की समीक्षा:नियोक्ताओं पर कार्रवाई, बच्चों के पुनर्वास पर जोर देने के निर्देशशुभम | मेरठ8 मिनट पहले
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मेरठ में जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह की अध्यक्षता में श्रम विभाग की समीक्षा बैठक हुई। गुरुवार शाम 5 बजे आयोजित इस बैठक में बाल श्रम उन्मूलन और ‘श्रम बंधु’ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर गहन चर्चा की गई। इसमें जिला टास्क फोर्स के गठन, बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के क्रियान्वयन, निरीक्षणों की स्थिति, बाल श्रमिकों की पहचान और BOCW के तहत श्रमिक कल्याणकारी व पेंशन योजनाओं की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने बाल श्रम उन्मूलन अभियानों और प्रवर्तन कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल एवं किशोर श्रमिकों को काम पर रखने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, उनसे नियमानुसार प्रतिकर (जुर्माना) की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने को कहा।
डॉ. सिंह ने रेस्क्यू किए गए बच्चों के शैक्षिक और आर्थिक पुनर्वास पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया, ताकि उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। बैठक में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (BOCW) की योजनाओं, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना और नेशनल पेंशन योजना की भी समीक्षा हुई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों का अधिक से अधिक पंजीकरण कराया जाए। इसका उद्देश्य शासन की कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा (पेंशन) का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है।
सहायक श्रमायुक्त, मेरठ ने जिलाधिकारी को आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन होगा और जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए अभियान जारी रहेगा। बैठक में सहायक श्रमायुक्त, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, बाल कल्याण समिति के प्रतिनिधि और जिला टास्क फोर्स के अधिकारी मौजूद रहे।
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