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अस्पताल में मरीज की मौत पर बवाल, दो घंटे हंगामा:चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप, तीन थानों की फोर्स पहुंची, रात में शव लेकर लौटेमेरठ18 मिनट पहले
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मरीज की मौत की सूचना पाकर हंगामा करते परिजन।
मेरठ के गढ़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती 30 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सोमवार रात अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उसे मरीज की मौत का जिम्मेदार ठहराया और डॉक्टर को मौक
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सूचना मिलते ही मेडिकल, नौचंदी और सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात संभाले। करीब दो घंटे तक चली मान-मनव्वल के बावजूद डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचे। पुलिस ने पोस्टमार्टम और कानूनी कार्रवाई की सलाह दी, लेकिन परिजनों ने दोनों से इंकार कर दिया और रात करीब एक बजे बिना पोस्टमार्टम कराए शव लेकर गांव लौट गए।
अस्पताल स्टाफ से परिजनों की होती नोकझोंक।
इंचौली थाना क्षेत्र के बहचौला गांव निवासी 30 वर्षीय अवनीश शर्मा पुत्र देवकरण शर्मा को रविवार को पेट में तेज दर्द की शिकायत हुई थी। परिजन पहले उन्हें मोदीपुरम स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। सोमवार सुबह हालत को देखते हुए गढ़ रोड स्थित न्यूटीमा अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों के मुताबिक चिकित्सकों ने किडनी की समस्या बताते हुए डायलिसिस शुरू कर दी।
चिकित्सक ने परिवार को भ्रम में रखा मृतक के रिश्तेदार विजय शर्मा ने बताया कि सोमवार शाम करीब पांच बजे तक अवनीश से उनकी बातचीत हुई थी। शाम सात बजे चिकित्सक ने मरीज की हालत में सुधार होने की बात कही और परिजनों को घर जाने की सलाह दी। आरोप है कि इसके करीब एक घंटे बाद अस्पताल की ओर से सूचना दी गई कि अवनीश को हार्टअटैक आया और उसकी मौत हो गई।
प्रशासनिक अफसर से भी परिजनों ने बात करने से इंकार कर दिया।
मौत की सुनकर परिजनों का गुस्सा फूटा मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना था कि जब तक चिकित्सक स्वयं सामने आकर मौत का कारण स्पष्ट नहीं करेंगे, तब तक वे शव नहीं ले जाएंगे। इसके बाद अस्पताल में खलबली मच गई।
बातचीत के दौरान एक हॉल के बाहर जमा तीमारदारों की भीड़।
चिकित्सक ने आने से कर दिया इंकार हंगामे की सूचना पर मेडिकल थाना प्रभारी सत्यवीर सिंह, नौचंदी थाना प्रभारी अनूप कुमार सिंह और सिविल लाइन थाना प्रभारी सौरभ शुक्ला पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे। इस दौरान अस्पताल में मृतक के रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ भी जुट गई। करीब दो घंटे तक चले गतिरोध के दौरान चिकित्सक ने अभद्रता की आशंका जताते हुए मौके पर आने से इंकार कर दिया।
अस्पताल बोला- परिजनों को दी थी जानकारी रात में पहुंचे अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी संजीव रस्तौगी ने परिजनों को बताया कि अवनीश के पैनक्रियाज में गंभीर समस्या थी और दोनों गुर्दे भी खराब हो चुके थे। उनकी हालत नाजुक होने की जानकारी पहले ही परिजनों को दे दी गई थी।
बिना पीएम शव लेकर लौटे परिजन
रात करीब एक बजे बिना पोस्टमार्टम के शव लेकर परिजन लौट गए।
पुलिस ने परिजनों से तहरीर देने और मौत के कारण स्पष्ट करने के लिए पोस्टमार्टम कराने का आग्रह किया, लेकिन परिवार ने किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं और परिजन रात करीब एक बजे बिना पोस्टमार्टम कराए शव लेकर अपने गांव लौट गए। घटना के बाद अस्पताल में देर रात तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
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