मिर्जापुर मूवी में बिरजू बना आशिकों का चेहरा:रिलीज से पहले नर्वस थीं रसिका दुग्गल, बोलीं- डर था फैंस थिएटर आएंगे या नहीं

  • Hindi News
  • Entertainment
  • Bollywood
  • Mirzapur Movie: Rasika Duggal Nervous Before Release | Mohit Malik Interview

भास्कर इंटरव्यूमिर्जापुर मूवी में बिरजू बना आशिकों का चेहरा:रिलीज से पहले नर्वस थीं रसिका दुग्गल, बोलीं- डर था फैंस थिएटर आएंगे या नहीं26 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी

  • कॉपी लिंक

मिर्जापुर मूवी में मोहित मलिक के बिरजू लोहार के किरदार ने दर्शकों के बीच गहरी छाप छोड़ी है। वहीं, बिना त्रिपाठी की जटिल और अप्रत्याशित कहानी लगातार चर्चा में है। दैनिक भास्कर से बातचीत में दोनों कलाकारों ने बिरजू के किरदार, उसके आखिरी सीन, शूटिंग के अनुभव और दर्शकों की भावनात्मक प्रतिक्रिया पर बात की। मोहित ने बताया कि कम स्क्रीन टाइम के बावजूद बिरजू की पांच साल की जर्नी को पर्दे पर दिखाना उनके लिए कितना महत्वपूर्ण था। रसिका ने बीना त्रिपाठी के किरदार की परतों और उसकी रणनीति पर भी विचार साझा किए।

‘मिर्जापुर’ के महत्वपूर्ण सीन की शूटिंग को याद करते हुए मोहित और रसिका ने कैमरा टीम के सहयोग का जिक्र किया।‘मिर्जापुर’ के महत्वपूर्ण सीन की शूटिंग को याद करते हुए मोहित और रसिका ने कैमरा टीम के सहयोग का जिक्र किया।

सवाल: बिरजू लोहार का किरदार दर्शकों के बीच इतना लोकप्रिय हो गया है। क्या आपने सोचा था कि यह किरदार इतना प्रभाव छोड़ेगा?

जवाब/मोहित मलिक: सच कहूं तो ऐसा सोचा नहीं था, लेकिन पूरी कोशिश जरूर की थी। मुझे पता था कि इतने बड़े कलाकारों और महत्वपूर्ण किरदारों के बीच मेरा स्क्रीन टाइम बहुत कम है। इसलिए मेरे लिए जरूरी था कि जब भी मैं स्क्रीन पर आऊं, तो बिरजू की पांच साल की जर्नी दिखाई दे। मुझे लगता है कि दर्शक भावनाओं से बहुत जल्दी जुड़ते हैं।

मैंने इस किरदार के लिए पूरी मेहनत की और अपनी जान लगा दी। आखिर में फिल्म के कुछ खास पल सही तरीके से जुड़ जाते हैं और खूबसूरत कहानी बन जाती है। मुझे लगता है कि बिरजू के साथ भी ऐसा ही हुआ।

सवाल: फिल्म का आखिरी सीन बहुत मार्मिक है। उस सीन की शूटिंग के दौरान सेट का माहौल कैसा था?

जवाब/रसिका दुग्गल: मेरे अनुभव में कई बार ऐसा होता है कि जिस सीन को बाद में फिल्म का सबसे महत्वपूर्ण या सबसे ज्यादा चर्चित सीन माना जाता है, उसकी शूटिंग के दिन सेट पर बहुत ज्यादा अव्यवस्था होती है। उस दिन भी ऐसा ही हुआ था। हमारी शिफ्ट का समय काफी आगे बढ़ गया था। किसी को भूख लगी थी, किसी को घर जाना था और शूटिंग के लिए समय कम बचा था।

ऐसे माहौल में एक्टर के लिए शांत रहना और समझना मुश्किल होता है कि यह मौका दोबारा नहीं मिलेगा। आपको उस पूरे शोर के बीच अपने विचार समेटने होते हैं और कोशिश करनी होती है कि उस पल को पूरी ईमानदारी से निभा सकें। इस सीन में भी हमारे सामने यही चुनौती थी।

मोहित मलिक: उस समय हमें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यह सीन इतना खास बन जाएगा। जैसा रसिका ने कहा, उस वक्त बहुत कुछ चल रहा था। लेकिन बाद में जब गाना, अभिनय और बाकी चीजें एक साथ जुड़ीं, तो वह सीन बहुत खूबसूरत बन गया।

सवाल: इस सीन में गाने ने भी काफी भावनात्मक असर डाला है। आपको यह गाना पहली बार कब सुनने को मिला?

जवाब/रसिका दुग्गल: हमने यह गाना पहली बार फिल्म की स्क्रीनिंग में सुना था। उससे पहले हमने सीन देखा था, लेकिन उसमें गाना शामिल नहीं था। मुझे लगता है कि इस गाने ने उस पूरे पल को ज्यादा प्रभावशाली बना दिया। यह गाना उस सीन को काव्यात्मक स्तर पर ले जाता है। मधुर ने इसे बहुत खूबसूरती से गाया है और पुनीत जी की लिखी हर लाइन की तरह इसमें भी बहुत गहराई है। गाने ने सीन की भावनाओं को और मजबूत किया है।

मोहित मलिक: बिल्कुल। मधुर ने बहुत अच्छा गाया है। उस गाने ने सीन को अलग ही एहसास दिया। सवाल: बिरजू के किरदार को निभाते समय आपके लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या थी? मोहित मलिक: मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती थी कि कम स्क्रीन टाइम में भी किरदार की पूरी यात्रा दिखाई दे। मैं ऐसे कलाकारों के बीच काम कर रहा था, जिनके किरदार पहले से दर्शकों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं।

रवि किशन जी खुद बड़े स्टार हैं और उनका अपना प्रभाव है। ऐसे में मैं नए किरदार के साथ उस दुनिया में आया था। मुझे साबित करना था कि बिरजू की अपनी पहचान है और उसकी कहानी दर्शकों तक पहुंचे। मैं आभारी हूं कि पूरी टीम ने मुझे प्यार दिया और अपनापन महसूस कराया। सभी ने सहयोग किया, जिससे मेरे लिए यह अनुभव अच्छा रहा।

बिना त्रिपाठी की भूमिका पर रसिका दुग्गल ने किरदार की जटिलता और उसकी रणनीति पर खुलकर बात की।बिना त्रिपाठी की भूमिका पर रसिका दुग्गल ने किरदार की जटिलता और उसकी रणनीति पर खुलकर बात की।

सवाल: रसिका, बिना त्रिपाठी का किरदार हर बार नई परत के साथ सामने आता है। क्या आपको भी उसे समझते हुए कुछ नया महसूस होता है?

जवाब/रसिका दुग्गल: बिल्कुल। मुझे भी बिना के बारे में ऐसा ही लगता है। जैसे ही मुझे लगता है कि मैं उसे समझने लगी हूं, पुनीत जी कुछ ऐसा लिखकर ले आते हैं कि मैं सोचती हूं, यह कैसे हुआ? बिना का किरदार बहुत जटिल है। वह पितृसत्तात्मक समाज में रहती है, जहां जैसे ही वह अपनी जगह बनाती है, कोई न कोई उसे पीछे धकेल देता है। फिर वह दोबारा अपनी जगह बनाती है।

यही प्रक्रिया उसके किरदार को दिलचस्प बनाती है। वह कमजोर भी है और रणनीतिक भी। वह भावनात्मक भी है और बहुत चतुर भी। उसके अंदर कई परतें हैं और यही चीज उसे दूसरे किरदारों से अलग बनाती है।

सवाल: दर्शक अब बिना को पहले से ज्यादा समझने लगे हैं। क्या आपको भी ऐसा लगता है?

जवाब/रसिका दुग्गल: हां, लेकिन जैसे ही लगता है कि दर्शक उसे समझने लगे हैं, कहानी में कुछ नया सामने आ जाता है। मुझे लगता है कि बिना की यही सबसे बड़ी खासियत है। लोग अक्सर मुझसे कहते हैं कि उन्होंने पर्दे पर ऐसी महिला पहले नहीं देखी। वह जिस तरह परिस्थितियों को समझती है और अपने तरीके से आगे बढ़ती है, वह बहुत अलग है।

मुझे यह भी लगता है कि वह हर स्थिति में खुद को ढाल सकती है। वह अपनी कमजोरियों को जानती है, लेकिन उनका इस्तेमाल कैसे करना है, यह भी समझती है।

सवाल: बीना की कौन-सी खूबी आप अपनी असल जिंदगी में चाहेंगी?

जवाब/रसिका दुग्गल: बीना की यह खूबी कि वह दूसरे लोगों को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करना जानती है। मैं असल जिंदगी में ऐसा बिल्कुल नहीं कर पाती। काश, मैं भी परिस्थितियों पर उतना नियंत्रण रख पाती, जितना बीना रखती है।

सवाल: बीना की कौन-सी बात है, जिसके लिए आप कहेंगी कि अच्छा है, यह मुझमें नहीं है?

जवाब/रसिका दुग्गल: उसका लोगों को मारने का माद्दा। मैं चाहती हूं कि मेरी परफॉर्मेंस ‘किलर’ हो, लेकिन मेरे अंदर किसी को मारने वाला स्वभाव नहीं होना चाहिए।

मोहित मलिक ने बताया कि कम स्क्रीन टाइम में बिरजू की पांच साल की जर्नी दिखाना उनके लिए बड़ी चुनौती थी।मोहित मलिक ने बताया कि कम स्क्रीन टाइम में बिरजू की पांच साल की जर्नी दिखाना उनके लिए बड़ी चुनौती थी।

सवाल: मोहित, बिरजू का कितना हिस्सा आपकी असल जिंदगी में मौजूद है?

जवाब/मोहित मलिक: मुझे लगता है कि बिरजू का लगभग 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा मुझमें है। खासकर प्यार के मामले में। मैं भी भावनाओं को बहुत गंभीरता से लेता हूं और इस मामले में खुद को बिरजू के काफी करीब पाता हूं।

सवाल: दर्शक आपके किरदार बिरजू और पुराने टीवी किरदार सम्राट सिंह में समानताएं देख रहे हैं। इस तुलना को आप कैसे देखते हैं?

जवाब/मोहित मलिक: मैंने अपने एक टीवी शो में सम्राट सिंह का किरदार निभाया था, जो कुछ हद तक मुन्ना भैया जैसा था। इसलिए मुझे खुशी है कि मेरे पुराने टीवी शो के दर्शक और फैन क्लब फिर से सक्रिय हो गए हैं। मैंने देखा है कि उन किरदारों को पसंद करने वाले लोग अब बिरजू को भी देख रहे हैं। यह मेरे लिए अच्छी बात है। मुझे खुशी है कि इतने साल बाद मेरे पुराने काम से जुड़े दर्शक फिर से जुड़ रहे हैं और इस किरदार को भी प्यार दे रहे हैं।

सवाल: फिल्म को दर्शकों की ओर से मिल रही प्रतिक्रिया के बारे में आप दोनों का अनुभव कैसा रहा?

जवाब/रसिका दुग्गल: इस बार मैं थोड़ी नर्वस थी। आमतौर पर जब मैं किसी प्रोजेक्ट पर काम करती हूं, तो सिर्फ शूटिंग के दौरान अपने काम पर ध्यान देती हूं। मैं यह नहीं सोचती कि दर्शक इसे कैसे स्वीकार करेंगे। लेकिन ‘मिर्जापुर’ के मामले में जिम्मेदारी का एहसास अलग था। हमारे फैंस पिछले आठ-नौ साल से हमें बहुत वफादारी से फॉलो कर रहे हैं। उन्हें प्रोजेक्ट से जुड़ी कई बातें हमसे पहले पता चल जाती हैं।

मुझे चिंता थी कि क्या हम उन्हें खुश कर पाएंगे? क्या वे फिल्म देखने के लिए थिएटर आएंगे? ओटीटी पर घर बैठे फिल्म देखना अलग अनुभव है, जबकि थिएटर जाने के लिए दर्शकों को समय और मेहनत लगती है। अब जब लोग फिल्म देखने आ रहे हैं और दोस्तों को भी साथ ला रहे हैं, तो मुझे बहुत खुशी हो रही है। इससे हमारा फैन बेस और बढ़ा है।

मोहित मलिक: मुझे लगता है कि ‘मिर्जापुर’ के फैंस फिल्म देखने जा ही रहे हैं। लेकिन जब उन्हें फिल्म अच्छी लगती है, तो वे दूसरे लोगों को भी इसे देखने के लिए कहते हैं। मुझे जो फोन आते हैं, उनमें लोग कहते हैं कि हम ‘मिर्जापुर’ के फैन तो हैं ही, लेकिन फिल्म इतनी अच्छी बनी है कि हम चाहते हैं कि हर कोई इसे देखे। यही वर्ड ऑफ माउथ फिल्म को आगे ले जा रहा है।

थिएटर में दर्शकों की प्रतिक्रिया देखकर रसिका दुग्गल ने बताया कि एक कलाकार के लिए वह पल कितना खास था।थिएटर में दर्शकों की प्रतिक्रिया देखकर रसिका दुग्गल ने बताया कि एक कलाकार के लिए वह पल कितना खास था।

सवाल: आप दोनों दर्शकों के बीच फिल्म देखने भी गए थे। वहां का अनुभव कैसा रहा?

जवाब/रसिका दुग्गल: हम ‘विमेन ऑफ मिर्जापुर’ का ग्रुप बनाकर फिल्म देखने गए थे। जब मैं थिएटर के अंदर जा रही थी, तभी वह सीन आने वाला था, जिसमें दर्शकों को बिना के बारे में एक खास बात का एहसास होता है। सीन से दो-तीन सेकेंड पहले ही मुझे दर्शकों की सामूहिक प्रतिक्रिया सुनाई दी। अचानक पूरा थिएटर शांत हो गया। जब वह महत्वपूर्ण लाइन आई, तो लोगों ने तालियां बजाईं।

दर्शकों के बीच बैठकर ऐसा रिएक्शन देखना बहुत बड़ी खुशी थी। एक कलाकार के लिए यह बहुत अच्छा एहसास होता है कि जिस पल को उसने निभाया, वह दर्शकों तक उसी भावना के साथ पहुंचा।

मोहित मलिक: रसिका ने जिस तरह से वह लाइन बोली है और उसके पीछे जो भावनाएं हैं, वे बहुत प्रभावशाली हैं। सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि उन शब्दों के पीछे की पूरी भावना महत्वपूर्ण है। जब मैंने स्क्रीन पर वह सीन देखा, तो मुझे भी बहुत अच्छा लगा।

सवाल: उस महत्वपूर्ण सीन की शूटिंग के दौरान आप दोनों के बीच तालमेल कैसा रहा?

जवाब/मोहित मलिक: वह फिल्म की शूटिंग का मेरा पहला दिन था और वही सीन था। हालांकि हम पहले मिल चुके थे, लेकिन उस दिन पहली बार साथ में शूट कर रहे थे। मेरे लिए यह महत्वपूर्ण था कि हम एक-दूसरे की आंखों में देखकर अभिनय कर सकें। कई बार कैमरा इस तरह लगाया जाता है कि को-एक्टर के लिए सामने वाले को देखना मुश्किल हो जाता है। लेकिन इस सीन में वह जरूरी था।

कैमरा टीम ने सहयोग किया और कैमरे की स्थिति इस तरह बदली कि हम एक-दूसरे को देख सकें। इससे सीन में भावनाएं स्वाभाविक तरीके से आ पाईं।

रसिका दुग्गल: कई बार कैमरा ऐसी जगह रखा जाता है कि को-एक्टर के लिए सामने वाले को देखना मुश्किल होता है। लेकिन इस सीन में एक-दूसरे की आंखों में देखना जरूरी था। कैमरा टीम ने हमारी जरूरत समझी और चीजें एडजस्ट कीं। इससे हमें किसी तय निशान को देखने के बजाय एक-दूसरे के साथ स्वाभाविक तरीके से अभिनय करने का मौका मिला। ऐसे भावनात्मक दृश्यों में यह बहुत महत्वपूर्ण होता है।

___________________________________________

यह इंटरव्यू भी पढ़ें..

‘बिरजू को क्यों मारा?’ पर बोले रसिका-मोहित:‘कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा’ जैसी ‘मिर्जापुर मूवी की बड़ी मिस्ट्री

मिर्जापुर’ की दुनिया किरदारों, हिंसा और दमदार डायलॉग्स के साथ मीम्स के लिए भी मशहूर है। वेब सीरीज के पुराने मीम्स हों या फिल्म के नए किरदार बिरजू लोहार और उनके दर्दभरे सीन, सोशल मीडिया पर ‘मिर्जापुर’ का जलवा है। फिल्म में बीना त्रिपाठी का किरदार निभाने वाली रसिका दुग्गल और बिरजू लोहार बने मोहित मलिक ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में वायरल मीम्स, अपने किरदारों पर बने मजेदार मीम्स और सोशल मीडिया के रिएक्शन पर बात की।पूरी खबर पढ़ें..

.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔Google Preferred Source CTA

    Source link

    dp

    Related Posts

    यूपीपीसीएल चेयरमैन की नियुक्ति वाली याचिका खारिज:बोर्ड प्रबंधन को भी दी थी चुनौती, हाईकोर्ट ने कहा कुछ ठोस नहीं

    Hindi News Local Uttar pradesh Prayagraj Allahabad High Court Dismisses UPPCL Chairman Appointment Petition यूपीपीसीएल चेयरमैन की नियुक्ति वाली याचिका खारिज:बोर्ड प्रबंधन को भी दी थी चुनौती, हाईकोर्ट ने कहा…

    वरुणा जोन के नए DCP बनाए गए राजेश पाण्डेय:DCP काशी को पुलिस लाइंस का अतिरिक्त चार्ज, प्रमोद कुमार रिलीव हुए

    Hindi News Local Uttar pradesh Varanasi Varanasi Police Reshuffle | Varuna Zone DCP Rajesh Pandey Takes Charge वरुणा जोन के नए DCP बनाए गए राजेश पाण्डेय:DCP काशी को पुलिस लाइंस…

    You Missed

    ‘American Idol’ making massive change to show for upcoming 25th season

    • By dp
    • September 22, 2026
    • 0 views
    ‘American Idol’ making massive change to show for upcoming 25th season

    मिर्जापुर मूवी में बिरजू बना आशिकों का चेहरा:रिलीज से पहले नर्वस थीं रसिका दुग्गल, बोलीं- डर था फैंस थिएटर आएंगे या नहीं

    • By dp
    • September 22, 2026
    • 1 views
    मिर्जापुर मूवी में बिरजू बना आशिकों का चेहरा:रिलीज से पहले नर्वस थीं रसिका दुग्गल, बोलीं- डर था फैंस थिएटर आएंगे या नहीं

    Sabres at Penguins | How to watch, lineup notes, and storylines | Buffalo Sabres

    • By dp
    • September 21, 2026
    • 2 views
    Sabres at Penguins | How to watch, lineup notes, and storylines | Buffalo Sabres

    यूपीपीसीएल चेयरमैन की नियुक्ति वाली याचिका खारिज:बोर्ड प्रबंधन को भी दी थी चुनौती, हाईकोर्ट ने कहा कुछ ठोस नहीं

    • By dp
    • September 21, 2026
    • 2 views
    यूपीपीसीएल चेयरमैन की नियुक्ति वाली याचिका खारिज:बोर्ड प्रबंधन को भी दी थी चुनौती, हाईकोर्ट ने कहा कुछ ठोस नहीं

    ‘Line of Fire’ Review: Peter Krause and Hope Davis Lead NBC’s Silly but Diverting Law Enforcement Family Drama

    • By dp
    • September 21, 2026
    • 6 views
    ‘Line of Fire’ Review: Peter Krause and Hope Davis Lead NBC’s Silly but Diverting Law Enforcement Family Drama

    वरुणा जोन के नए DCP बनाए गए राजेश पाण्डेय:DCP काशी को पुलिस लाइंस का अतिरिक्त चार्ज, प्रमोद कुमार रिलीव हुए

    • By dp
    • September 21, 2026
    • 4 views
    वरुणा जोन के नए DCP बनाए गए राजेश पाण्डेय:DCP काशी को पुलिस लाइंस का अतिरिक्त चार्ज, प्रमोद कुमार रिलीव हुए