- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Pratapgarh
- Pratapgarh Couple Suicide Case | Childless Couple Ends Life Together
प्रतापगढ़ में संतानहीन दंपती ने जहर खाकर दी जान:एक साथ उठी दोनों की अर्थी, बड़े भाई ने दी मुखाग्नि; एमए तक पढ़े थे दोनोंमनु कुमार सिंह | प्रतापगढ़2 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
प्रतापगढ़ के अमरौना गांव में करीब 30 साल से साथ रह रहे दंपती ने संतान ने होने से जहर खाकर जान दे दी। सुभाष तिवारी और उनकी पत्नी सपना की मौत के बाद गुरुवार सुबह करीब 10 बजे दोनों की अर्थी एक साथ उठी। जानकारी के मुताबिक, दोनों ने जहर खाकर जान दी। घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट में सुभाष ने संतान न होने को आत्महत्या की वजह बताया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
सुभाष तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई अवधेश तिवारी ने श्रृंगवेरपुर में उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। गांव में सामान्य और खुशहाल दंपती के तौर पर पहचान रखने वाले दोनों की अचानक मौत से ग्रामीण भी हैरान हैं।
30 साल से साथ थे, परिवार से भी अच्छे संबंध
सुभाष श्रीकांतपुर अमरौना गांव के रहने वाले थे। उनके दो बड़े भाई अवधेश तिवारी और त्रिभुवन नाथ तिवारी हैं। पिता का नाम रामआधार तिवारी था। सुभाष पत्नी सपना के साथ अलग रहते थे, लेकिन परिवार के अन्य सदस्यों से उनके संबंध अच्छे थे। वह अपने भतीजे राजन तिवारी के साथ भी रहते थे।
जान-पहचान वालों के मुताबिक, सुभाष और सपना दोनों पढ़े-लिखे थे और एमए तक की पढ़ाई की थी। सुभाष खेती के साथ राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में भी हिस्सा लेते थे। वह तांत्रिक और एमआर का काम भी करते थे। इन कामों के चलते क्षेत्र में उनके काफी लोगों से संपर्क थे।
एक साथ निकली पति-पत्नी की अर्थी, 30 साल पहले हुई थी शादी।
गांव में नहीं दिखा तनाव, अचानक मौत से हर कोई हैरान
ग्रामीणों के अनुसार, सुभाष और सपना को देखकर कभी ऐसा नहीं लगा कि दोनों किसी बड़े तनाव से गुजर रहे हैं। गांव में उनकी छवि सामान्य और खुशहाल दंपती की थी। परिचितों का कहना है कि दोनों ने संतान न होने को लेकर कभी किसी से शिकायत नहीं की थी। परिवार में भी किसी बड़े विवाद या तनाव की जानकारी ग्रामीणों को नहीं थी।
इसी वजह से दोनों की अचानक मौत की खबर से गांव में हर कोई हैरान रह गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मौत से पहले दोनों के बीच क्या परिस्थितियां बनी थीं।
सुसाइड नोट में लिखा- संतान न होने से उठाया कदम
पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें सुभाष ने समय, तारीख और स्थान का उल्लेख करते हुए पुत्र या पुत्री न होने के कारण पत्नी सपना के साथ आत्महत्या करने की बात लिखी है। नोट में परिवार के किसी सदस्य को घटना के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।
सुसाइड नोट में प्रशासन से परिवार और रिश्तेदारों को परेशान नहीं करने का अनुरोध भी किया गया था। हालांकि, पुलिस सुसाइड नोट समेत सभी साक्ष्यों की जांच कर रही है। इसलिए मौत की पूरी वजह और घटनाक्रम को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
बड़े भाई ने दी मुखाग्नि, साथ उठी दोनों की अर्थी
गुरुवार सुबह करीब 10 बजे सुभाष और सपना की अर्थी एक साथ उठी तो परिवार और रिश्तेदार भावुक हो गए। सुभाष के बड़े भाई अवधेश तिवारी ने श्रृंगवेरपुर में उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित पहुंचे।
करीब तीन दशक तक साथ रहने वाले दंपती की एक साथ मौत ने गांव को झकझोर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत से जुड़े सभी पहलुओं को सामने लाने के लिए उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
———————————–
यह खबर भी पढ़ें…
बच्चे न होने पर पति-पत्नी ने जहर खाकर जान दी:प्रतापगढ़ में घर से 100 मीटर दूर पड़े मिले, नोट में लिखा- हम अपनी मौत के जिम्मेदार
प्रतापगढ़ में बुधवार सुबह बच्चे न होने से परेशान पति-पत्नी ने जहर खाकर जान दे दी। दोनों तड़के करीब 3 बजे घर से निकले। गांव के बाहर ट्यूबवेल के पास पहुंचे। वहां दोनों ने एक साथ जहर खा लिया। कुछ देर बाद ग्रामीणों ने दोनों को ट्यूबवेल के पास पड़ा देखा। पति के मुंह से झाग निकल रहा था। गांव वालों ने इसकी सूचना घरवालों को दी। घरवाले दोनों को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। तलाशी के दौरान पति की जेब से एक सुसाइड नोट मिला। इसमें दंपती ने संतान न होने के कारण परेशान होने की बात लिखी है। मामला देहात कोतवाली क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर
.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔




