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मेजा के चौकी गांव में बालक नदी में डूबा:नाव से गंगा स्नान के दौरान डूबने से मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवालसतीश चंद्र | शुकुलपुर, प्रयागराज (इलाहाबाद)1 मिनट पहले
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प्रयागराज की में बुधवार को नदी में डूबने से 10 वर्षीय बालक की मौत हो गई। गंगा स्नान के लिए अपनी मां के साथ नाव से जाते समय हादसा हुआ। बालक का संतुलन बिगड़ने के कारण वह नदी के गहरे पानी में गिर गया। काफी प्रयास के बाद बालक को पानी से बाहर तो निकाल लिया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
मेजा तहसील क्षेत्र के चौकी गांव के रहने वाले गजानंद का 10 वर्षीय पुत्र शिवानंद अपनी मां के साथ गंगा स्नान के लिए निकला था। दोनों नदी पार करने और स्नान स्थल तक पहुंचने के लिए एक नाव पर सवार हुए। नाव जब गंगा नदी के बीच धारा में पहुंची, तभी अचानक शिवानंद का शारीरिक संतुलन बिगड़ गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या उसे पकड़ पाता, वह अनियंत्रित होकर नाव से सीधे गहरे पानी में जा गिरा।
मां की चीख-पुकार और बचाव का प्रयास
बच्चे को नदी में डूबते देख उसकी मां ने बदहवास होकर चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। मां की पुकार सुनकर नाव पर मौजूद अन्य यात्रियों और आसपास मौजूद स्थानीय ग्रामीणों व नाविकों ने तुरंत हरकत में आते हुए शिवानंद को बचाने का प्रयास शुरू किया। कड़ी मशक्कत और काफी खोजबीन के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह शिवानंद को पानी से बाहर निकाला।
परिजन और स्थानीय लोग बालक को अचेत अवस्था में आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने स्वास्थ्य जांच के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की इस घोषणा के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
इस ह्रदयविदारक हादसे ने एक बार फिर नदियों में नौका संचालन और स्नान के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। घटना से आक्रोशित और दुखी ग्रामीणों का कहना है कि नावों में लाइफ जैकेट और सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम न होना ऐसे हादसों का बड़ा कारण बनता है।
ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि नदी में नावों के संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए, क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर रोक लगे और यात्रियों के लिए सुरक्षा उपकरण अनिवार्य किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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