इंटरव्यू:राजकुमार संतोषी बोले- ‘घायल’, ‘दामिनी’ से ‘बंटवारा 1947’ तक मेरे लिए कहानी पहले है, कभी ट्रेंड फॉलो नहीं किया

  • Hindi News
  • Entertainment
  • Bollywood
  • Rajkumar Santoshi Said, “From ‘Ghayal’, ‘Damini’ To ‘Partition 1947’, Story Comes First For Me, I Never Followed Trends.”

इंटरव्यू:राजकुमार संतोषी बोले- ‘घायल’, ‘दामिनी’ से ‘बंटवारा 1947’ तक मेरे लिए कहानी पहले है, कभी ट्रेंड फॉलो नहीं कियाअमित कर्ण. मुंबई25 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

संतोषी कहते हैं, ‘बंटवारा 1947’ में यह सवाल उठाया गया है कि जब किसी दूसरे इंसान के साथ गलत हो रहा हो, तो क्या आप सिर्फ तमाशबीन बने रहेंगे? - Dainik Bhaskarसंतोषी कहते हैं, ‘बंटवारा 1947’ में यह सवाल उठाया गया है कि जब किसी दूसरे इंसान के साथ गलत हो रहा हो, तो क्या आप सिर्फ तमाशबीन बने रहेंगे?

निर्देशक राजकुमार संतोषी ‘बंटवारा 1947’ के जरिए एक बार फिर से सनी देओल के साथ अपनी फिल्म परदे पर लेकर आए हैं। असग़र वजाहत के मूल प्ले को फिल्म में बदलने से लेकर सीक्वल कल्चर और बॉक्स ऑफिस ट्रेंड पर उनसे हुई खास बातचीत…

‘बंटवारा 1947’ का मुख्य किरदार आपके पुराने नायकों से कितना अलग है?

मेरी फिल्मों में अक्सर ऐसा किरदार आता है, जो एक पॉइंट तक चीजों को सहता है, समझने की कोशिश करता है, लेकिन फिर उसके सामने ऐसा पल आता है जहां वह तय करता है कि अब चुप नहीं रहा जा सकता। ‘घायल’ में संघर्ष बहुत निजी था। ‘दामिनी’ में न्याय का सवाल था।

‘घातक’ में सिस्टम और ताकत के खिलाफ लड़ाई थी। ‘बंटवारा 1947’ में सिकंदर मिर्जा का संघर्ष दूसरे इंसान की सुरक्षा, सम्मान और इंसानियत से जुड़ा है। तो उसके अंदर बागीपन जरूर है, लेकिन उसका संदर्भ अलग है। वह सिर्फ अपनी लड़ाई नहीं लड़ रहा। उसके सामने यह सवाल है कि जब किसी दूसरे इंसान के साथ गलत हो रहा हो, तो क्या आप सिर्फ तमाशबीन बने रहेंगे?

राजकुमार संतोषी।राजकुमार संतोषी।

मूल प्ले से फिल्म में क्या बड़ा बदलाव किया गया?

सिकंदर मिर्जा के किरदार को ज्यादा एक्टिव बनाया गया है। मूल प्ले में वह घटनाओं के बीच मौजूद है, लेकिन फिल्म में हमें उसकी जर्नी को ज्यादा प्रो-एक्टिव बनाना था। थिएटर और सिनेमा की लैंग्वेज अलग होती है।

स्टेज पर एक लंबा डायलॉग, परफॉर्मेंस और सिचुएशन मिलकर किरदार की मनःस्थिति बता सकते हैं। इसलिए हमने यह देखा कि सिकंदर सिर्फ घटनाओं का गवाह न रहे। उसके फैसले कहानी को आगे बढ़ाएं।

सनी देओल की लार्जर दैन लाइफ इमेज को इस कहानी में कैसे इस्तेमाल किया?

मेरी फिल्मों में पहले किरदार आता है, स्टार की इमेज बाद में। सनी की स्क्रीन प्रेजेंस और इंटेंसिटी बहुत मजबूत है, लेकिन हर फिल्म में उस इंटेंसिटी को एक ही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

अगर आप हर बार सिर्फ उनकी पुरानी फिल्मों वाला पैटर्न दोहराएंगे, तो किरदार नया नहीं लगेगा। ‘बंटवारा…’ में सिकंदर को हमने एक्टिव जरूर बनाया, लेकिन उसके लिए सिर्फ फिजिकल एग्रेसन काफी नहीं, अंदर इमोशनल कंट्रोल भी चाहिए था।

अलग-अलग जॉनर के बावजूद आपकी फिल्मों की कॉमन सिमिलैरिटी क्या है?

जॉनर मेरे लिए बस कहानी कहने का तरीका है, कहानी का मकसद नहीं। ‘दामिनी’ कोर्टरूम ड्रामा है, ‘घातक’ एक्शन ड्रामा है, ‘लज्जा’ सोशल स्टेटमेंट है और ‘खाकी’ क्राइम नैरेटिव है, लेकिन इन सबमें कहीं न कहीं एक सवाल जरूर है कि जब किसी इंसान की गरिमा, उसके अधिकार या उसके साथ न्याय का सवाल सामने आता है, तो वह क्या करता है?

मुझे ऐसे किरदार दिलचस्प लगते हैं जिनके पास समझौता करने का विकल्प होता है, लेकिन वे आखिरकार आसान रास्ता नहीं चुनते। एक खास मौके पर उनके भीतर कुछ बदलता है। शायद यही मेरी फिल्मों की कॉमन थीम है।

क्या आज सीक्वल फिल्मों के लिए नॉस्टैल्जिया एक बड़ा कॉमर्शियल टूल बन गया है?

नॉस्टैल्जिया काम जरूर करता है, लेकिन सिर्फ उसी के भरोसे फिल्म नहीं चल सकती। दर्शक को एक नई कहानी चाहिए। मैंने कभी सिर्फ ट्रेंड देखकर फिल्म नहीं चुनी। कोई सब्जेक्ट मुझे समझ में आता है, उसमें कुछ कहने लायक लगता है तभी मैं उसमें दिलचस्पी लेता हूं। मेरे लिए पहले कहानी है। उसके बाद स्टार, स्केल, ट्रेंड या फ्रेंचाइज है।

‘अंदाज अपना अपना 2’ की काफी चर्चा हो रही है। इसके बनने की क्या संभावनाएं हैं?

‘अंदाज अपना अपना’ सिर्फ दो-चार कैरेक्टर्स या उसके टाइटल की वजह से यादगार नहीं बनी। उसकी स्क्रीनप्ले, डायलॉग्स, कॉमिक टाइमिंग और उसका पूरा कॉमिक रिदम मिलकर उसे खास बनाते हैं। अगर कभी उस स्पिरिट को आगे लेकर जाना है, तो सिर्फ पुराने कैरेक्टर्स को वापस लाना काफी नहीं होगा।

ज्यादा जरूरी है कि एक ऐसी नई कहानी हो, जिसमें वही कॉमिक एनर्जी हो। दर्शक को सिर्फ पुरानी फिल्म की कॉपी नहीं चाहिए। उसे नई फिल्म चाहिए, लेकिन उसके अंदर उस दुनिया की फील भी होनी चाहिए।

.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔Google Preferred Source CTA

    Source link

    dp

    Related Posts

    केवट ने प्रभु श्रीराम को पार कराई गंगा, पखारे पैर:धनेसरा तालाब बना पावन गंगा तट, घंडईल से चित्रकूट तक की लीला जीवंत

    Hindi News Local Uttar pradesh Varanasi Varanasi Dhanesra Talab Ram Leela | Kevat Samvad & Shri Ram Vanvas केवट ने प्रभु श्रीराम को पार कराई गंगा, पखारे पैर:धनेसरा तालाब बना…

    दहेज हत्या के दोषी को 10 साल की सजा:औरैया में कोर्ट ने 15 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया

    Hindi News Local Uttar pradesh Auraiya Auraiya Dowry Death Case | Court Sentences Accused To 10 Years Jail दहेज हत्या के दोषी को 10 साल की सजा:औरैया में कोर्ट ने…

    You Missed

    More Than a Quarterback: In Fernando Mendoza, Raider Nation and the Latino community see themselves

    • By dp
    • October 9, 2026
    • 3 views
    More Than a Quarterback: In Fernando Mendoza, Raider Nation and the Latino community see themselves

    केवट ने प्रभु श्रीराम को पार कराई गंगा, पखारे पैर:धनेसरा तालाब बना पावन गंगा तट, घंडईल से चित्रकूट तक की लीला जीवंत

    • By dp
    • October 9, 2026
    • 2 views
    केवट ने प्रभु श्रीराम को पार कराई गंगा, पखारे पैर:धनेसरा तालाब बना पावन गंगा तट, घंडईल से चित्रकूट तक की लीला जीवंत

    Sam Antonacci sits against southpaw in Game 4

    • By dp
    • October 9, 2026
    • 9 views
    Sam Antonacci sits against southpaw in Game 4

    दहेज हत्या के दोषी को 10 साल की सजा:औरैया में कोर्ट ने 15 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया

    • By dp
    • October 9, 2026
    • 9 views
    दहेज हत्या के दोषी को 10 साल की सजा:औरैया में कोर्ट ने 15 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया

    The case for Erick Fedde in Game 4, and Game 3 White Sox takeaways – Sox Machine

    • By dp
    • October 9, 2026
    • 10 views
    The case for Erick Fedde in Game 4, and Game 3 White Sox takeaways – Sox Machine

    धलसिम मैं नहीं, मेरी किस्मत लेकर आई:विद्युत जामवाल बोले- मुझे ढूंढते-ढूंढते दुनिया के 11 बेस्ट फाइटर्स में शामिल किया

    • By dp
    • October 9, 2026
    • 8 views
    धलसिम मैं नहीं, मेरी किस्मत लेकर आई:विद्युत जामवाल बोले- मुझे ढूंढते-ढूंढते दुनिया के 11 बेस्ट फाइटर्स में शामिल किया