- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Sambhal
- Sambhal Mentha Factories Operate Without NOC; DM Orders Action, Traders Submit Memorandum
संभल की 32 मेंथा फैक्ट्रियों को नोटिस जारी:घनी आबादी में बिना NOC चल रहीं थीं, DM के निर्देश पर कार्रवाईसनी गुप्ता, संभल4 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
संभल में घनी आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित 32 मेंथा फैक्ट्रियों पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। इन फैक्ट्रियों को आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के बिना चलने के आरोप में नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन ने एक महीने के भीतर जवाब न मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
आपको बता दें कि संभल एशिया में मैंथा कारोबार के लिए जाना जाता है, अब आबादी के बीच से फैक्ट्रियों को बाहर निकल जाएगा। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर संभल शहर की घनी आबादी के बीच चल रही मेंथा फैक्ट्रियों की जांच शुरू की गई थी।
शुक्रवार शाम मेंथा एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र गोयल के नेतृत्व में व्यापारियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। जांच के बाद प्रशासन ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित इन सभी इकाइयों पर नजर रखी है।
सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि संभल कस्बे की आबादी के बीच लगभग 20 मेंथा फैक्ट्रियां मेंथा ऑयल का उत्पादन कर रही हैं। ये सभी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित हैं और इनके पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा अग्निशमन विभाग दोनों के अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच के बाद इन 20 इकाइयों के खिलाफ धारा 152 बीएनएसएस (BNSS) के तहत नोटिस जारी किए गए हैं, जिसमें तत्काल संचालन बंद करने का निर्देश है।
सिटी मजिस्ट्रेट ने यह भी बताया कि थाने से मिली रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगभग 10 मेंथा फैक्ट्रियां विभिन्न विभागों के अनापत्ति प्रमाण पत्रों के बिना संचालित हैं। उन्हें भी नोटिस जारी किए गए हैं। कुल 29 नए नोटिस जारी हुए हैं, जबकि 3 मामले पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन थे, जिससे कुल 32 फैक्ट्रियां प्रभावित हुई हैं।
मेंथा एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र गोयल ने कहा कि एसोसिएशन की मुख्य मांग औद्योगिक भूखंडों की उपलब्धता है, ताकि वे अपनी मेंथा इकाइयों को शहर से बाहर औद्योगिक क्षेत्र में स्थानांतरित कर सकें। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी ने औद्योगिक भूखंडों की व्यवस्था का आश्वासन दिया है और यह भी कहा है कि तब तक प्रशासन द्वारा उन्हें परेशान नहीं किया जाएगा। फैक्ट्रियां जवाब आने तक संचालित रहेंगी, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔




