- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Sitapur
- Sitapur Tigress Sighting Claim | Villagers Panic As Forest Team Searches
सीतापुर में 14 दिन बाद भी बाघिन का सुराग नहीं:गांव में दिखने का ग्रामीणों ने किया दावा, वन विभाग को नहीं मिले पगचिह्नअभिषेक सिंह | सीतापुर2 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
सीतापुर में बाघिन की दहशत लगातार बनी हुई है। किसान कमल किशोर की मौत के 14 दिन बाद भी वन विभाग बाघिन का पता लगाने में सफल नहीं हो सका है। हालांकि पिछले दो दिनों से बाघिन के नए पगचिह्न नहीं मिलने के कारण वन विभाग की सक्रियता कुछ कम नजर आई, लेकिन बुधवार शाम गेंधरिया गांव के ग्रामीणों ने गन्ने के खेतों के पास बाघिन देखे जाने का दावा कर एक बार फिर पूरे इलाके में दहशत फैला दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गांव के आसपास तथा खेतों में सघन कांबिंग अभियान चलाया। हालांकि काफी तलाश के बावजूद टीम को न तो बाघिन के ताजा पगचिह्न मिले और न ही उसकी मौजूदगी का कोई ठोस साक्ष्य मिला। ऐसे में ग्रामीणों के दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
ग्रामीण राजकरण ने बताया कि कुछ लोगों ने गन्ने के खेतों की ओर बाघिन को जाते हुए देखने की बात कही है। इसके बाद वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। रसूलवा गांव में बनाए गए कमांड सेंटर से कतर्नियाघाट और दुधवा टाइगर रिजर्व की विशेषज्ञ टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। बाघिन की सटीक लोकेशन का पता लगाने के लिए थर्मल ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
इसके बावजूद अब तक बाघिन का कोई सुराग नहीं लगना ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रहा है। लोगों का कहना है कि बाघिन लगातार अपनी लोकेशन बदल रही है, जिससे उसे पकड़ना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। भय के माहौल में ग्रामीण खेतों में जाने से बच रहे हैं और खेती-किसानी का काम भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से अभियान और तेज करने, संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने तथा बाघिन को जल्द पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।
.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔




