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यूपी में AI से चलेगी रोडवेज बसों की व्यवस्था:30 करोड़ रुपये से बनेगा नया सिस्टम, 120 डिपो की 14,300 बसों का संचालन होगा एक प्लेटफॉर्म सेलखनऊ3 घंटे पहले
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उत्तर प्रदेश में रोडवेज बसों का संचालन अब नई तकनीक से करने की तैयारी है। इसके लिए परिवहन निगम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम लागू करने जा रहा है। इस पर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है। नई व्यवस्था लागू
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परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि इस सिस्टम से यात्रियों की संख्या और उनकी जरूरत के हिसाब से बसों का संचालन होगा। AI तकनीक यह पता लगाने में मदद करेगी कि किस रूट पर कितने यात्रियों की आवाजाही है और वहां कितनी बसों की जरूरत है। इसी के आधार पर बसों का समय और उनके बीच का अंतर तय किया जाएगा।
हर 15 मिनट में मिल सकेगी बस
अभी परिवहन निगम के 120 डिपो से करीब 14,300 बसें चल रही हैं। इनसे रोजाना 17 लाख से ज्यादा यात्री सफर करते हैं। नई व्यवस्था में सभी डिपो की बसों का टाइम टेबल एक साथ जोड़ा जाएगा। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी रूट पर हर 15 मिनट में बस की जरूरत है तो अलग-अलग डिपो की बसों का समय इस तरह तय किया जाएगा कि यात्रियों को नियमित अंतराल पर बस मिलती रहे। इससे बसों का इंतजार कम होगा।
जिस रूट पर ज्यादा यात्री, वहां बढ़ेंगी बसें
नई तकनीक से यह भी पता चलेगा कि किस रूट पर ज्यादा यात्री सफर करते हैं और कहां बसों की जरूरत कम है। इसके हिसाब से बसों की संख्या तय की जाएगी। इससे एक तरफ यात्रियों को समय पर बस मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ खाली या कम यात्रियों वाली बसों के संचालन पर होने वाला खर्च भी कम किया जा सकेगा।
चालकों की ड्यूटी और बसों की मरम्मत का भी हिसाब
इस सिस्टम से सिर्फ बसों का समय ही तय नहीं होगा, बल्कि चालकों और परिचालकों की ड्यूटी, बसों की सर्विसिंग और मरम्मत का रिकॉर्ड भी डिजिटल तरीके से रखा जाएगा। परिवहन निगम के मुख्यालय और क्षेत्रीय अधिकारी एक ही प्लेटफॉर्म से बसों और डिपो के कामकाज पर नजर रख सकेंगे।
यात्रियों की संख्या बढ़ने से बढ़ेगी कमाई
परिवहन मंत्री के मुताबिक, बसों का सही इस्तेमाल होने और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने से रोडवेज में सफर करने वालों की संख्या बढ़ सकती है। इससे निगम की कमाई भी बढ़ेगी। साथ ही ईंधन, बसों और कर्मचारियों का बेहतर इस्तेमाल होने से खर्च कम करने में मदद मिलेगी। निगम की बचत और बढ़ी हुई कमाई का इस्तेमाल यात्रियों को और बेहतर सुविधाएं देने में किया जा सकेगा।
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