जीवी मावलंकर शूटिंग चैंपियनशिप: 14 साल की मान्यता चौधरी ने सीनियर कैटेगरी में जीता गोल्ड मेडल
जब इरादे मजबूत हों, तो उम्र कोई मायने नहीं रखती। दिल्ली की 14 साल की निशानेबाज मान्यता चौधरी ने इसे सच कर दिखाया है। 35वीं ऑल इंडिया जीवी मावलंकर शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 25 मीटर .32 सेंटर फायर पिस्टल (सीनियर वर्ग) में 300 में से 293 का अविश्वसनीय स्कोर बनाकर स्वर्ण पदक जीता है।
अनुभव पर भारी पड़ी युवा प्रतिभा सीनियर कैटेगरी में खेलते हुए मान्यता ने गजब की एकाग्रता दिखाई। उन्होंने दूसरे स्थान पर रहीं दीया वशिष्ठ से 12 अंक और तीसरे स्थान की निशा चौधरी से 20 अंक की भारी बढ़त के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
ऑल-राउंडर शूटर हैं मान्यता मान्यता का यह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में दूसरा स्वर्ण है। इससे पहले उन्होंने 2024 (चेन्नई) में 50 मीटर फ्री पिस्टल स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता था। उनकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे एक-दो नहीं, बल्कि देश में आयोजित होने वाले सभी 5 प्रमुख पिस्टल इवेंट्स में पेशेवर रूप से हिस्सा लेती हैं। इतनी कम उम्र में अलग-अलग राइफल तकनीक और प्रारूपों में ढलना उन्हें बेहद खास बनाता है।
ओलंपिक पर है नजर SGFI नेशनल में गोल्ड जीत चुकीं मान्यता फिलहाल कोच विपुल चौधरी के दिशा-निर्देश में खुद को निखार रही हैं। उनके पिता सुमित कुमार कदम-कदम पर उनका साथ दे रहे हैं। 14 साल की उम्र में यह ऐतिहासिक सफलता मान्यता को देश की हजारों युवा लड़कियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनाती है, जिनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर और ओलंपिक में देश का नाम रोशन करना है।





