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बुलंदशहर में अवैध दाखिल-खारिज पर राजस्व परिषद सख्त:तहसीलदार मनोज कुमार रावत की मुश्किलें बढ़ीं, DM को पत्र जारीप्रदुमन कौशिक | बुलंदशहर16 मिनट पहले
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बुलंदशहर जिले की स्याना तहसील में तैनात तहसीलदार मनोज कुमार रावत की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उत्तर प्रदेश के राजस्व परिषद (बोर्ड ऑफ रेवेन्यू) ने बिना अधिकार और नियम विरुद्ध तरीके से दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) करने के एक गंभीर मामले में सख्त रुख अपनाया है।
तहसीलदार मनोज कुमार रावत पर आरोप है कि उन्होंने स्याना तहसील में अपनी तैनाती के दौरान कानूनी अधिकारों का उल्लंघन करते हुए और निर्धारित नियमों को ताक पर रखकर जमीनों का दाखिल-खारिज किया।
इस धांधली की शिकायत मिलने के बाद संबंधित एडीएम ने मामले की प्रारंभिक जांच की थी।
एडीएम की जांच रिपोर्ट में तहसीलदार को स्पष्ट रूप से दोषी पाया गया था। हालांकि, जांच रिपोर्ट आने के बावजूद जिला स्तर पर तहसीलदार के खिलाफ अब तक कोई ठोस विभागीय कार्रवाई नहीं की गई थी।
मामले की गंभीरता और कार्रवाई में देरी को देखते हुए राजस्व परिषद ने इसका कड़ा संज्ञान लिया।
बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की ओर से आईएएस रमेश रंजन, अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त ने बुलंदशहर के जिलाधिकारी (डीएम) आईएएस कुमार हर्ष को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। इस पत्र के माध्यम से मामले में अब तक बरती गई ढिलाई पर सवाल उठाते हुए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
आईएएस रमेश रंजन के पत्र के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
माना जा रहा है कि इस कड़े रुख के बाद आरोपी तहसीलदार मनोज कुमार रावत के खिलाफ जल्द ही निलंबन या बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला तहसील स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार और उस पर कथित संरक्षण को एक बार फिर उजागर करता है।
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