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RPF भर्ती में सेंधमारी करने वाला महज बीएससी पास:मॉडस ऑपरेंडी सुनकर पुलिस भी हैरान, बोला- AI से बनाया फर्जी कॉल लेटरप्रयागराज3 मिनट पहले
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प्रयागराज में फेक कॉल लेटर के जरिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) भर्ती में सेंधमारी की कोशिश करने वाला बेहद शातिर निकला। पूछताछ में उसने जो खुलासे किए, उसे सुनकर पुलिसवाले भी हैरान रह गए। पता चला कि वह बीएससी पास है। खुद को प्रतियोगी छात्र भी बताया। उसने बताया कि एआई की मदद से उसने फर्जी कॉल लेटर बनाया।
फर्जी कॉल लेटर बनाना यू ट्यूब पर सीखा
उसने पुलिस को बताया, उसका एक दोस्त आरएएफ में है। उससे संपर्क कर उसने यह जानकारी ली कि ज्वाइनिंग के समय कौन कौन से डॉक्युमेंट्स लगते हैं। इसके बाद उसने इंटरनेट से आरएएफ कांस्टेबल रिक्रूटमेंट का कॉल लेटर सर्च किया। फिर एआई एप्लीकेशन के जरिए अपने नाम वाला फेक कॉल लेटर तैयार किया।
इसमें नाम, पिता का नाम जैसे पर्टिकुलर तो अपने रखे लेकिन रोल नंबर उस चयनित अभ्यर्थी का अंकित कर दिया, जो वास्तव में चयनित था। इस अभ्यर्थी का नाम रोहित पुत्र बलराज था।
फिलहाल उससे पूछताछ का क्रम जारी है। आरपीएफ अफसरों के साथ ही पुलिस भी उससे कई राउंड में पूछताछ कर चुकी है। बता दें कि 2 जुलाई को यह मामला सामने आया था। 3 जुलाई की रात करीब 10 बजे उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
दस्तावेजों की जांच लिस्ट में नाम नहीं मिला आरपीएफ क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र, सूबेदारगंज में एक जुलाई से नवनियुक्त कांस्टेबल/रिक्रूट की प्राइमरी ट्रेनिंग शुरू हुई है। उत्तर रेलवे से प्राप्त लिस्ट के अनुसार कुल 82 अभ्यर्थियों को 30 जून तक यहां रिपोर्ट करना था। इनमें से 2 जुलाई तक 70 अभ्यर्थियों ने प्रशिक्षण केंद्र में पहुंचकर आमद करा ली।
दस्तावेजों और डोजियर के सत्यापन की जिम्मेदारी सहायक उपनिरीक्षक जितेंद्र सिंह और कांस्टेबल नीरज कुमार को सौंपी गई थी। दो जुलाई को यहां एक युवक पहुंचा, जिस ने खुद को चयनित अभ्यर्थी रोहित पुत्र झनकार, निवासी लालपुर, पोस्ट शिवनगर, जिला पीलीभीत बताया। कॉल लेटर भी दिखाया। वेरिफिकेशन के दौरान उसके कुछ डॉक्युमेंट्स संदिग्ध मिले।
उसके दस्तावेज की जांच की गई। जांच के बाद सामने आया कि रोहित पुत्र झनकार का नाम उत्तर रेलवे की ओर से भेजी गई ट्रेनीज की आधिकारिक लिस्ट में नहीं है। उसके कॉल लेटर पर जो रोल नंबर लिखा था, वह लिस्ट में सीरियल नंबर 27 पर दर्ज दूसरे अभ्यर्थी रोहित पुत्र बलराज सिंह का था। इसके बाद अधिकारियों को उस पर शक हुआ। गहनता से पूछताछ की गई तो पता चला कि उसने फर्जी कॉल लेटर बनाया है।
आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया, चयनित अभ्यर्थियों की लिस्ट में नाम नहीं मिला ट्रेनिंग सेंटर में डोजियर तैयार करने के लिए उत्तर रेलवे से आई निरीक्षक सोनिया ने भी लिखित रूप से स्पष्ट किया कि रोहित पुत्र झनकार का नाम प्रशिक्षण के लिए नामित किए गए अभ्यर्थियों की सूची में शामिल नहीं है। उनकी रिपोर्ट को भी साक्ष्य के रूप में संलग्न किया गया।
साथ ही सहायक सुरक्षा आयुक्त/ उप प्रधानाचार्य के निर्देश पर आरपीएफ अधिकारियों ने आरोपी और उसके सभी डॉक्युमेंट्स को धूमनगंज थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। विस्तृत जांच के बाद आरपीएफ के एएसआई जितेंद्र सिंह की तहरीर पर धूमनगंज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शुक्रवार रात एफआईआर दर्ज कर ली।
अब तक कि जांच में कोई और नाम नहीं
धूमनगंज थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल अब तक कि जांच में यही सामने आया है कि इस फर्जीवाड़े में वह अकेले ही शामिल था। अब तक किसी और की संलिप्तता सामने नहीं आई है।
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