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मेरठ में राज्यपाल ने छात्रों को दिया ‘देश प्रथम’ मंत्र:हॉस्टलों में टेंडर व्यवस्था और साफ-सफाई पर उठाए सवाल, सरदार पटेल के आदर्श अपनाने का संदेशश्रेया शर्मा | मेरठ4 मिनट पहले
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मेरठ के कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने सम्बोधन में कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का विराट व्यक्तित्व हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ निश्चय और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की भ
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राज्यपाल ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और योगदान पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। सभी विश्वविद्यालय इस विषय पर प्रस्तुति तैयार करें और सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति को राजभवन में प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों को महान व्यक्तित्वों के बारे में पढ़ना और जानना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और योगदान पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं
450 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, छात्राओं की बढ़ती भागीदारी पर खुशी
राज्यपाल ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि इस दीक्षांत समारोह में 450 विद्यार्थियों को उपाधि मिली, जिनमें 329 छात्र और 120 छात्राएं शामिल हैं। उन्होंने याद किया कि कुछ वर्ष पहले छात्राओं की संख्या बहुत कम थी, लेकिन अब लगातार उनकी भागीदारी बढ़ रही है, जो महिला सशक्तिकरण का बड़ा उदाहरण है।
राज्यपाल ने बताया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में 22 पदक प्रदान किए गए। इनमें 12 पदक छात्राओं और 10 पदक छात्रों को मिले। वहीं चार प्रायोजित स्वर्ण पदकों में तीन छात्राओं और एक छात्र को सम्मानित किया गया। उन्होंने सभी पदक विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राज्यपाल ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि इस दीक्षांत समारोह में 450 विद्यार्थियों को उपाधि मिली, जिनमें 329 छात्र और 120 छात्राएं शामिल हैं।
उन्होंने गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी का उल्लेख करते हुए कहा कि नेतृत्व का मूल्य पद से नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, परिश्रम और जनहित के कार्यों से तय होता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और संगठन दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
राज्यपाल ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि इस दीक्षांत समारोह में 450 विद्यार्थियों को उपाधि मिली, जिनमें 329 छात्र और 120 छात्राएं शामिल हैं
राज्यपाल ने कहा कि केवल भाषण देने से बदलाव नहीं आएगा। विश्वविद्यालयों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर शिक्षा, शोध और नवाचार में सुधार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया भर की अच्छी व्यवस्थाओं से सीख लेकर उन्हें अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को इसरो जैसे संस्थानों का कार्य समझना चाहिए। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की रक्षा और वैज्ञानिक उपलब्धियों में विश्वविद्यालयों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विद्यार्थियों को ऐसे कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
महिला सुरक्षा और छात्राओं के लिए विशेष योजनाएं
राज्यपाल ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की प्राथमिकता है। कॉलेज जाने वाली बेटियों के लिए परिवहन और अन्य सुविधाओं पर लगातार कार्य किया जा रहा है ताकि उन्हें शिक्षा प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि सरकार ने छात्राओं को स्कूटी उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की थी। शुरुआत में इसमें 90-95 प्रतिशत अंक लाने वाली छात्राओं को ही स्कूटी देने का प्रावधान था।
उन्होंने कहा कि इससे गांवों और संसाधनों की कमी वाले परिवारों के बच्चों को नुकसान होता, क्योंकि उनके पास उतनी सुविधाएं नहीं होतीं, जबकि इसका लाभ अधिकतर संपन्न और अधिकारियों के बच्चों तक पहुंच जाता। इस पर उन्होंने मुख्यमंत्री से योजना में सुधार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसके लिए बजट भी दिया है, इसलिए इसका लाभ वास्तव में जरूरतमंद विद्यार्थियों तक पहुंचना चाहिए।
शोध का लाभ किसानों तक पहुंचे
उन्होंने विश्वविद्यालय में चल रहे शोध कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 में विभिन्न शोध परियोजनाओं को करोड़ों रुपये की वित्तीय सहायता मिली है। उन्होंने अधिकारियों से इन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने और उनका लाभ किसानों तक पहुंचाने को कहा।
राज्यपाल ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्रों ने वर्ष 2025-26 में 1,800 से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए, जिनसे हजारों किसान लाभान्वित हुए। उन्होंने बायोगैस संयंत्र, डेयरी फार्मिंग, मशरूम उत्पादन, प्राकृतिक खेती और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
राज्यपाल ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्रों ने वर्ष 2025-26 में 1,800 से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए, जिनसे हजारों किसान लाभान्वित हुए
राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक किसान को समय पर मृदा परीक्षण की सुविधा मिलनी चाहिए। यदि स्वयं सहायता समूहों और एफपीओ को इसकी अनुमति मिले तो कम लागत में अधिक किसानों तक यह सुविधा पहुंचाई जा सकती है।।
शोध केवल फाइलों तक सीमित न रहे
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को अपने शोध, पेटेंट और नवाचार का वास्तविक प्रभाव दिखाना चाहिए। यदि कोई विषय नहीं मिलता तो गांवों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और किसानों पर भी शोध किया जाए ताकि समाज को उनसे प्रेरणा मिले। राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक किसान को समय पर मृदा परीक्षण की सुविधा मिलनी चाहिए। यदि स्वयं सहायता समूहों और एफपीओ को इसकी अनुमति मिले तो कम लागत में अधिक किसानों तक यह सुविधा पहुंचाई जा सकती है।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन का बड़ा केंद्र है। विश्वविद्यालयों को गन्ने की नई किस्मों, उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए शोध करना चाहिए। उन्होंने पुरस्कार पाने वाले वैज्ञानिकों से इस दिशा में संकल्प लेने का आह्वान किया।
आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य अभियानों की जानकारी
उन्होंने बताया कि प्रदेश में हजारों आंगनबाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही एचपीवी वैक्सीन अभियान चलाकर किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने का प्रयास किया जा रहा है। दीक्षांत समारोह के दौरान भी छात्राओं और महिलाओं के लिए टीकाकरण एवं स्वास्थ्य किट वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी डिग्री और अंकपत्र डिजिलॉकर में उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, जिससे प्रमाणपत्र सुरक्षित रहेंगे और उन्हें बार-बार दस्तावेज लेकर नहीं जाना पड़ेगा।
छात्रावासों की बदहाल व्यवस्था टेंडर व्यवस्था पर उठाए सवाल
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के छात्रावासों की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में पानी की टंकियां तो बनाई गई हैं, लेकिन उनकी स्थिति जर्जर है और उनका सही उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए जाएं।
राज्यपाल ने कहा कि कई छात्रावासों में भोजन व्यवस्था ठेकेदारों के माध्यम से संचालित होती है। उन्होंने चिंता जताई कि कई बार टेंडर व्यवस्था में एक्सपायरी मसालों और अन्य खाद्य सामग्री के इस्तेमाल की शिकायतें सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता और भोजन की गुणवत्ता व खाद्य सामग्री की नियमित जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि उनका एक ही मंत्र होना चाहिए— देश प्रथम
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी छात्रावासों का नियमित निरीक्षण होना चाहिए। भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई, वाशिंग मशीन जैसी सुविधाएं और ठेकेदार व्यवस्था की समीक्षा कर छात्र समितियों को अधिक जिम्मेदारी दी जाए। उन्होंने कहा कि बॉयज हॉस्टल में वाशिंग मशीन की व्यवस्था भी होनी चाहिए।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि उनका एक ही मंत्र होना चाहिए— ‘देश प्रथम’। उन्होंने कहा कि माता-पिता के संघर्ष को कभी न भूलें और अपने ज्ञान व परिश्रम का उपयोग देश और समाज के विकास के लिए करें।
अपने संबोधन के अंत में राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री बांटने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि ‘दीक्षा उत्सव’ होना चाहिए। इसमें गांव, किसान, महिलाएं, छात्र, शोधकर्ता और समाज सभी की भागीदारी होनी चाहिए, ताकि विश्वविद्यालय समाज के विकास का केंद्र बन सके।
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