मूवी रिव्यू: आर्यभट्ट का जीरो:जब पूरी दुनिया 'जीरो' कहे, तब क्या सिर्फ भरोसा जिंदगी बदल सकता है?

  • Hindi News
  • Entertainment
  • Bollywood
  • Aryabhatt Ka Zero Movie Review | Kamal Chandra Film Rating

मूवी रिव्यू: आर्यभट्ट का जीरो:जब पूरी दुनिया ‘जीरो’ कहे, तब क्या सिर्फ भरोसा जिंदगी बदल सकता है?18 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

हर इंसान की जिंदगी में एक वक्त ऐसा आता है, जब लोग उससे पहले हार मान लेते हैं और फिर वह खुद भी अपने आप पर भरोसा खोने लगता है। ‘आर्यभट्ट का जीरो’ ऐसे ही एक आम लड़के की कहानी है, जिसे दुनिया बार बार नाकाम साबित करती है।

निर्देशक कमल चंद्र ने आत्मविश्वास और उम्मीद जैसे मजबूत विषय को हल्के फुल्के अंदाज में पेश करने की कोशिश की है। फिल्म दिल से बनाई गई है और उसका संदेश भी साफ है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले इसकी उड़ान को पूरी ऊंचाई तक नहीं पहुंचने देता। इसकी लेंथ 1 घंटा 54 मिनट है। दैनिक भास्कर ने फिल्म को 5 में से 3 स्टार रेटिंग दी है।

फिल्म की कहानी कैसी है?

फिल्म की कहानी ब्रह्मगुप्त श्रीवास्तव उर्फ बग्गू (हिमांश कोहली) के इर्द गिर्द घूमती है। मध्यम वर्गीय परिवार का यह युवक जिंदगी में अपनी पहचान बनाना चाहता है, लेकिन लगातार मिल रही असफलताएं उसे अंदर से तोड़ देती हैं।

परिवार की उम्मीदें, समाज के ताने और खुद पर से उठता भरोसा उसके संघर्ष को और मुश्किल बना देते हैं। हालात जैसे जैसे बदलते हैं, बग्गू भी खुद को बदलने की कोशिश करता है। आखिर कैसे एक ऐसा लड़का, जिसे हर कोई ‘जीरो’ समझता है, अपनी सबसे बड़ी ताकत खुद बनता है, यही फिल्म की कहानी है। अच्छी बात यह है कि फिल्म अपना संदेश बिना भाषण दिए सहज तरीके से कहती है।

स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है?

पूरी फिल्म हिमांश कोहली के कंधों पर टिकी है और वह इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभाते हैं। रोमांटिक भूमिकाओं से अलग इस बार उन्होंने छोटे शहर के एक ऐसे युवक का किरदार निभाया है, जो बार बार टूटता है, लेकिन हार नहीं मानता। उनके चेहरे के भाव और भावनात्मक दृश्यों में ईमानदारी साफ दिखाई देती है। यह उनके करियर की बेहतर परफॉर्मेंस में से एक कही जा सकती है।

बग्गू के पिता के किरदार में नीरज सूद शानदार हैं। उनका अभिनय बेहद सहज है और पिता बेटे के कई दृश्य दिल को छू जाते हैं। रवि किशन अपने चिर परिचित अंदाज में मनोरंजन का तड़का लगाते हैं और जहां भी आते हैं, ध्यान खींचते हैं।

सोनाली सहगल और दर्शना बनिक अपने किरदारों के साथ न्याय करती हैं। हालांकि राजेश शर्मा, अलका अमीन और शिल्पा शिंदे जैसे अनुभवी कलाकारों को फिल्म में और बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता था। उनके किरदारों में और गहराई और स्क्रीन स्पेस की गुंजाइश साफ महसूस होती है।

डायरेक्शन, तकनीकी पक्ष और कमियां

निर्देशक कमल चंद्रा ने एक अच्छा विषय चुना है और कई जगह उनकी संवेदनशीलता भी नजर आती है। फिल्म छोटे शहर की दुनिया को विश्वसनीय तरीके से पेश करती है और वास्तविक लोकेशंस इसकी खूबसूरती बढ़ाती हैं। सिनेमेटोग्राफी भी कहानी के मूड के साथ अच्छी तरह चलती है।

लेकिन सबसे बड़ी कमी स्क्रीनप्ले में दिखाई देती है। कहानी कई जगह भटकती है और कुछ दृश्य ऐसे लगते हैं जिन्हें आसानी से हटाया जा सकता था। उनसे न कहानी आगे बढ़ती है और न ही किरदारों में कोई खास बदलाव आता है। एडिटिंग में थोड़ी और कसावट होती तो फिल्म ज्यादा प्रभावशाली बन सकती थी। अच्छे विषय के बावजूद प्रस्तुति कई बार उतनी मजबूत नहीं लगती, जितनी हो सकती थी।

म्यूजिक कैसा है?

फिल्म का संगीत कहानी के साथ चलता है। गाने जब आते हैं तो अलग से बोझ नहीं लगते और कहानी का हिस्सा बनकर सामने आते हैं। हालांकि थिएटर से बाहर निकलने के बाद ऐसा कोई गीत याद नहीं रह जाता जिसे बार बार सुना जाए। बैकग्राउंड स्कोर कई भावनात्मक दृश्यों का असर जरूर बढ़ाता है।

फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं?

‘आर्यभट्ट का जीरो’ एक ईमानदार कोशिश है, जो खुद पर भरोसा रखने का संदेश देती है। हिमांश कोहली का बदला हुआ अंदाज और उनका अभिनय फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। नीरज सूद और रवि किशन भी अच्छा साथ देते हैं। हालांकि ढीला स्क्रीनप्ले, कुछ अनावश्यक दृश्य और कई जगह धीमी पड़ती रफ्तार फिल्म को एक बेहतर अनुभव बनने से रोक देती है। अगर आपको छोटे शहरों की जमीन से जुड़ी, हल्की फुल्की और प्रेरणादायक कहानियां पसंद हैं, तो यह फिल्म एक बार देखी जा सकती है।

.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔Google Preferred Source CTA

    Source link

    dp

    Related Posts

    हरियाणा की महिला कांवड़ यात्री पहुंचीं शामली:बारिश में भी नहीं डिगा उत्साह, नारी सम्मान और सशक्तिकरण का दिया संदेश

    Hindi News Local Uttar pradesh Shamli Shamli Kanwar Yatra | Women Devotees Carry Message Of Empowerment हरियाणा की महिला कांवड़ यात्री पहुंचीं शामली:बारिश में भी नहीं डिगा उत्साह, नारी सम्मान…

    हनुमंत विहार में रेस्टोरेंट में जमकर चली कुर्सियां, VIDEO:दोस्त से मिलने गए युवक का छीना मोबाइल, वापस मांगने पर मारपीट, सिर फटा

    Hindi News Local Uttar pradesh Kanpur Kanpur Restaurant Assault | Youth Beaten Over Mobile Phone Snatching हनुमंत विहार में रेस्टोरेंट में जमकर चली कुर्सियां, VIDEO:दोस्त से मिलने गए युवक का…

    You Missed

    A$AP Rocky Responds to Drake’s ‘Where She At’ Diss on ‘Burning Bridges’: ‘It’s Just Bugged Out to Me’

    • By dp
    • August 6, 2026
    • 1 views
    A$AP Rocky Responds to Drake’s ‘Where She At’ Diss on ‘Burning Bridges’: ‘It’s Just Bugged Out to Me’

    हरियाणा की महिला कांवड़ यात्री पहुंचीं शामली:बारिश में भी नहीं डिगा उत्साह, नारी सम्मान और सशक्तिकरण का दिया संदेश

    • By dp
    • August 6, 2026
    • 1 views
    हरियाणा की महिला कांवड़ यात्री पहुंचीं शामली:बारिश में भी नहीं डिगा उत्साह, नारी सम्मान और सशक्तिकरण का दिया संदेश

    Hot and sticky day…storms return tonight

    • By dp
    • August 6, 2026
    • 2 views
    Hot and sticky day…storms return tonight

    हनुमंत विहार में रेस्टोरेंट में जमकर चली कुर्सियां, VIDEO:दोस्त से मिलने गए युवक का छीना मोबाइल, वापस मांगने पर मारपीट, सिर फटा

    • By dp
    • August 6, 2026
    • 2 views
    हनुमंत विहार में रेस्टोरेंट में जमकर चली कुर्सियां, VIDEO:दोस्त से मिलने गए युवक का छीना मोबाइल, वापस मांगने पर मारपीट, सिर फटा

    Jon Stewart presses John Fetterman on Israel and playing into ‘Republican caricatures’ when he attacks Democrats

    • By dp
    • August 6, 2026
    • 3 views
    Jon Stewart presses John Fetterman on Israel and playing into ‘Republican caricatures’ when he attacks Democrats

    मूवी रिव्यू: आर्यभट्ट का जीरो:जब पूरी दुनिया 'जीरो' कहे, तब क्या सिर्फ भरोसा जिंदगी बदल सकता है?

    • By dp
    • August 6, 2026
    • 3 views
    मूवी रिव्यू: आर्यभट्ट का जीरो:जब पूरी दुनिया 'जीरो' कहे, तब क्या सिर्फ भरोसा जिंदगी बदल सकता है?