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नोएडा हिंडन डूब क्षेत्र को विकसित करने का प्लान:29,315 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान; 3 फेज में होगा काम, 10 हजार परिवारों के पुनर्वास का प्रस्तावनोएडा25 मिनट पहले
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हिंडन नदी के किनारे मकान। इसी हिंडन के डूब क्षेत्र को विकसित किए जा रहे है।
हिंडन नदी के डूब क्षेत्र को नए सिरे से विकसित करने और व्यवस्थित करने की एक प्लानिंग को लेकर सोमवार को नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने पर्यावरणविद् ने प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें डूब क्षेत्र में सड़क, भूमि विकास, तटबंध और पुनर्वास समेत कई क
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हालांकि, नोएडा प्राधिकरण अपने स्तर पर इस पूरे प्लान को लागू नहीं कर सकता। प्रस्ताव को शासन स्तर पर रखा जाएगा। वहां चर्चा और मंजूरी के बाद ही इसे आगे मूर्त रूप दिया जा सकेगा। प्रस्तुतीकरण में पूरे प्रोजेक्ट को तीन चरणों में बांटा गया है। तीनों चरणों को पूरा करने में कुल 29,315 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
हिंडन नदी के किनारे बना मकान
जमीन खरीद पर 15 हजार करोड़ प्रस्ताव के मुताबिक, हिंडन डूब क्षेत्र की योजना में सबसे बड़ा खर्च जमीन खरीद पर होगा। इसके लिए करीब 15,000 करोड़ रुपए का प्रावधान बताया गया है। इसके अलावा मिट्टी भराई यानी अर्थवर्क पर 380 करोड़ रुपए, तटबंध के ऊपर छह लेन सड़क बनाने पर 2,425 करोड़ रुपए और तटबंध पर पत्थर की पिचिंग के काम पर 120 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। नदी में वीयर कम फॉल बनाने के लिए 150 करोड़ रुपए का खर्च प्रस्तावित है। वहीं उपलब्ध जमीन के विकास पर 7,240 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का अनुमान है।
हिंडन नदी के किनारे बने मकान बाढ़ में कभी भी हो सकता है हादसा
10 हजार परिवारों के पुनर्वास योजना में डूब क्षेत्र से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का भी प्रावधान किया गया है। करीब 10 हजार परिवारों के पुनर्वास पर 4,000 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इस तरह सभी मदों को मिलाकर परियोजना की कुल अनुमानित लागत 29,315 करोड़ रुपए बैठती है।
2,413 हेक्टेयर जमीन के विकास का प्रस्ताव प्रस्तुतीकरण में उपलब्ध जमीन के विकास का भी हिसाब दिया गया है। इसमें 2,413 हेक्टेयर जमीन के विकास पर प्रति हेक्टेयर 3 करोड़ रुपए की दर से करीब 7,239 करोड़ रुपए का खर्च बताया गया है। इसे लगभग 7,240 करोड़ रुपए माना गया है। इसी तरह 10 हजार परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रति परिवार 40 लाख रुपए की दर से 4,000 करोड़ रुपए का अनुमान लगाया गया है।
हिंडन नदी के किनारे बने मकान
तीन फेज में होगा विकास
फेज-1: डीएससी रोड से एक्सप्रेसवे तक बनेगा पहला हिस्सा प्रस्तावित योजना का पहला चरण डीएससी रोड से एक्सप्रेसवे तक रखा गया है। इस हिस्से में छह लेन सड़क को तटबंध के ऊपर बनाने का प्रस्ताव है। इसके साथ तटबंध पर पत्थर की पिचिंग, मिट्टी का काम, जमीन का विकास और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था शामिल है। फेज-1 की कुल अनुमानित लागत: 12,370 करोड़ रुपए। 1,000 परिवारों का पुनर्वास पर 400 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है।
फेज-2: बिसरख रोड ब्रिज से डीएससी रोड तक होगा दूसरा हिस्सा दूसरे चरण में बिसरख रोड ब्रिज से डीएससी रोड तक का हिस्सा शामिल किया गया है। इस हिस्से में भी तटबंध के ऊपर छह लेन सड़क बनाने और उससे जुड़े विकास कार्यों का प्रस्ताव है। फेज-2 की कुल अनुमानित लागत: 6,449 करोड़ रुपए।
फेज-3: एनएच-24 से बिसरख रोड ब्रिज तक बनेगा तीसरा हिस्सा तीसरे चरण में एनएच-24 से बिसरख रोड ब्रिज तक का हिस्सा प्रस्तावित किया गया है। यह योजना का एक बड़ा हिस्सा होगा। इसमें जमीन खरीद से लेकर छह लेन सड़क, तटबंध की पिचिंग, जमीन विकास और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का खर्च शामिल है। 5,000 परिवारों का पुनर्वास और फेज-3 की कुल अनुमानित लागत: 10,496 करोड़ रुपए।
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