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बलरामपुर में 2017-2022 के कथित NRHM घोटाले की जांच तेज:विजिलेंस ने अस्पतालों में खंगाले रिकॉर्ड, संयुक्त जिला अस्पताल, CMO कार्यालय-दो CHC में छापेमारीसुजीत कुमार | बलरामपुर2 मिनट पहले
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बलरामपुर में वर्ष 2017 से 2022 के बीच हुए कथित NRHM घोटाले की जांच में तेजी आई है। शनिवार को विजिलेंस टीम ने जिले में पहुंचकर संयुक्त जिला अस्पताल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) श्रीदत्तगंज व उतरौला में गहन जांच-पड़ताल की। टीम ने घोटाले से जुड़े पुराने अभिलेख, भुगतान संबंधी दस्तावेज और खरीद-फरोख्त की पत्रावलियां तलब कीं। कई कर्मचारियों से पूछताछ कर उनके बयान भी दर्ज किए गए।
विजिलेंस टीम ने सबसे पहले मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत आने वाले संयुक्त जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां सीएमएस से बातचीत के बाद चार स्टाफ नर्सों से NRHM से जुड़ी जानकारी ली गई। इसके बाद टीम CMO कार्यालय पहुंची और अधिकारियों-कर्मचारियों से पुराने रिकॉर्ड तथा विभिन्न मदों में किए गए भुगतान की जानकारी जुटाई।
गायब अभिलेख तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश CMO कार्यालय में जांच के दौरान विजिलेंस टीम ने भुगतान और अन्य वित्तीय मामलों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जो अभिलेख फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें तत्काल प्रस्तुत किया जाए। टीम दस्तावेजों के जरिए घोटाले से जुड़े लेनदेन और कार्यों की जांच कर रही है।
CHC में दवाओं और उपकरणों की खरीद का रिकॉर्ड खंगाला इसके बाद विजिलेंस टीम ने CHC श्रीदत्तगंज और उतरौला का निरीक्षण किया। यहां NRHM के तहत कराए गए कार्यों, दवाओं और उपकरणों की खरीद, मेंटेनेंस कार्यों तथा भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की गई। कई कर्मचारियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए। अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों से मिले दस्तावेजों का मिलान कर घोटाले की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पूर्व विधायक के परिवार से जुड़े लोगों पर भी जांच केंद्रित जांच मुख्य आरोपी बताए जा रहे बहराइच के पयागपुर के पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव और उनके परिवार से जुड़े लोगों पर भी केंद्रित है। विजिलेंस टीम ने मुकेश श्रीवास्तव के भाई अजय श्रीवास्तव की तलाश की। अजय स्वास्थ्य विभाग में लिपिक रह चुका है। टीम ने उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई, लेकिन वह नहीं मिला। अधिकारियों के मुताबिक, अजय श्रीवास्तव लगातार फरार बताया जा रहा है।
9 CHC और 30 PHC के कामों की भी जांच विजिलेंस के अनुसार, घोटाले की अवधि में जिले के नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हुए कार्यों की भी जांच की जा रही है। दवाओं और उपकरणों की खरीद, रखरखाव कार्य और किए गए भुगतानों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप, FIR पहले ही दर्ज आरोप है कि अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग कर अनुचित लाभ पहुंचाया गया। जांच एजेंसी की ओर से कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ पहले ही FIR दर्ज की जा चुकी है। विजिलेंस अधिकारियों का मानना है कि अजय श्रीवास्तव की गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
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