अमजद खान की पुण्यतिथि:डिलीवरी के बाद बीवी को घर लाने के पैसे नहीं थे; ₹1.27 करोड़ की फीस अटकी, परिवार ने अंडरवर्ल्ड की मदद ठुकराई

  • Hindi News
  • Entertainment
  • Bollywood
  • Sholay Gabbar Singh; Amjad Khan Death Anniversary Interesting Facts | Amitabh Bachchan Kitne Aadmi The

अमजद खान की पुण्यतिथि:डिलीवरी के बाद बीवी को घर लाने के पैसे नहीं थे; ₹1.27 करोड़ की फीस अटकी, परिवार ने अंडरवर्ल्ड की मदद ठुकराई13 घंटे पहलेलेखक: अभय पांडेय

  • कॉपी लिंक

एक्टर अमजद खान ने बतौर डायरेक्टर मुख्य रूप से दो हिंदी फिल्मों का निर्देशन किया था, जिनमें 'चोर पुलिस' (1983) और 'अमीर आदमी गरीब आदमी' (1985) शामिल हैं। - Dainik Bhaskarएक्टर अमजद खान ने बतौर डायरेक्टर मुख्य रूप से दो हिंदी फिल्मों का निर्देशन किया था, जिनमें ‘चोर पुलिस’ (1983) और ‘अमीर आदमी गरीब आदमी’ (1985) शामिल हैं।

‘मैं वो आदमी था, जो रोज 4–5 घंटे कसरत करता था। बैडमिंटन खेलता था, फ्री-हैंड एक्सरसाइज करता था, वेट उठाता था… लेकिन फिर एक एक्सीडेंट हुआ और मैं तीन महीने तक बिस्तर पर पड़ा रहा।’

एक पुराने इंटरव्यू में दिवंगत एक्टर अमजद खान ने अपनी जिंदगी का सबसे दर्दनाक दौर याद करते हुए यह बात कही थी। उन्होंने बताया था कि हादसे में शरीर की लगभग सारी हड्डियां टूट गई थीं। डॉक्टरों ने तीन साल तक एक्सरसाइज करने से मना कर दिया। जैसे-तैसे संभले तो दूसरा हादसा हो गया, फिर पैर टूट गया। इसके बाद पैरालिसिस का अटैक आया और महीनों तक बिस्तर पर रहना पड़ा।

आज अमजद खान की 34वीं पुण्यतिथि पर जानते हैं उनकी जिंदगी के कुछ अनसुने किस्से।

पुलिस की नौकरी छोड़ फिल्मों में आए थे पिता

अमजद खान के पिता जयंत एक एक्टर थे। उनका असली नाम जकारिया खान था। जयंत ने शुरुआती पढ़ाई के बाद राजस्थान के अलवर में पुलिस अधिकारी की नौकरी शुरू कर दी थी। हालांकि, फिल्मों में आने के लिए उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ दी।

डायरेक्टर विजय भट्ट ने उन्हें नया नाम दिया- ‘जयंत’। अपनी लंबी कद-काठी, गूंजती आवाज और शानदार स्क्रीन प्रेजेंस के दम पर उन्होंने 1930 और 40 के दशक में कई फिल्मों में हीरो और बाद में कैरेक्टर एक्टर के रूप में पहचान बनाई। उन्होंने दिलीप कुमार, मधुबाला और किशोर कुमार जैसे बड़े सितारों के साथ भी काम किया।

जयंत ने 'अमर', 'मेमदीदी' और 'हीर रांझा' जैसी कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया।जयंत ने ‘अमर’, ‘मेमदीदी’ और ‘हीर रांझा’ जैसी कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया।

पिता की तरह अमजद खान भी फिल्मों में आए, लेकिन जयंत अपने बेटे की सबसे बड़ी सफलता नहीं देख सके। 2 जून 1975 को गले के कैंसर से उनका निधन हो गया और करीब दो महीने बाद फिल्म ‘शोले’ रिलीज हुई।

पिता जयंत के साथ अमजद खान (बीच में) और भाई इम्तियाज खान (दाएं)।पिता जयंत के साथ अमजद खान (बीच में) और भाई इम्तियाज खान (दाएं)।

अस्पताल से पत्नी को लाने के लिए भी नहीं थे ₹400

अमजद खान के जब बेटे का जन्म हुआ था, उस समय परिवार बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा था। आर्थिक तंगी इतनी थी कि बेटे के जन्म के बाद उनकी पत्नी को मैटरनिटी हॉस्पिटल से घर लाने के लिए भी अमजद खान के पास 300-400 रुपए नहीं थे, लेकिन उसी दिन उनकी किस्मत ने करवट ली। जिस दिन उनके बेटे का जन्म हुआ, उसी दिन उन्हें फिल्म ‘शोले’ साइन करने का मौका मिला। यही फिल्म आगे चलकर उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी पहचान बनी।

कैसे मिला था शोले’ का गब्बर सिंह बनने का मौका

शोले’ में गब्बर सिंह का किरदार बॉलीवुड के सबसे आइकोनिक किरदारों में गिना जाता है। निर्देशक रमेश सिप्पी इस रोल के लिए पहले डैनी डेंजोंगपा को कास्ट करना चाहते थे। लेकिन डैनी उस समय फिरोज खान की फिल्म ‘धर्मात्मा’ की शूटिंग के लिए अफगानिस्तान जा रहे थे, इसलिए उन्होंने यह फिल्म छोड़ दी। इसके बाद यह रोल रंजीत को भी ऑफर हुआ था, लेकिन उन्होंने डैनी की दोस्ती के कारण मना कर दिया। बाद में यह रोल अमजद खान ने निभाया।

अमजद खान को यह रोल कैसे मिला, इस बारे में उनके बेटे शादाब खान ने बताया था कि सबसे पहले लेखक सलीम खान ने निर्देशक रमेश सिप्पी से कहा था, “एक लड़का है अमजद खान… बहुत बेहतरीन एक्टर है, एक बार उसे देखकर तो देखिए।”

इसी दौरान एक्टर सत्येन कप्पू ने भी रमेश सिप्पी से अमजद खान की जोरदार सिफारिश की। उन्होंने कहा, ‘मैं खुद को अच्छा एक्टर मानता हूं, लेकिन अमजद मुझसे भी बेहतर एक्टर है। उसे एक मौका जरूर दीजिए।’

सलीम खान और सत्येन कपूर की बात रमेश सिप्पी के दिमाग में बैठ गई। इसके बाद उन्होंने एक नाटक में अमजद खान की दमदार परफॉर्मेंस देखी। उनकी एक्टिंग से प्रभावित होकर रमेश सिप्पी ने उन्हें ऑडिशन के लिए बुलाया। ऑडिशन सफल रहा और अमजद खान को ‘शोले’ में गब्बर सिंह का किरदार मिल गया। इसके बाद जो हुआ, वह भारतीय सिनेमा का इतिहास बन गया।

फिल्म 'शोले' में अमजद खान का किरदार गब्बर सिंह एक बेरहम डकैत था।फिल्म ‘शोले’ में अमजद खान का किरदार गब्बर सिंह एक बेरहम डकैत था।

गब्बर की आवाज डब कराने का सुझाव दिया गया था

शोले में गब्बर सिंह की गूंजती हुई आवाज आज भी लोगों के रोंगटे खड़े कर देती है। ‘कितने आदमी थे?’, ‘तेरा क्या होगा कालिया?’ और ‘ये हाथ मुझे दे दे ठाकुर!’ जैसे डायलॉग अमजद खान की आवाज की वजह से ही अमर हो गए। हालांकि, एक समय ऐसा भी आया था, जब गब्बर की आवाज बदलने की तैयारी हो रही थी।

फिल्म के डायरेक्टर रमेश सिप्पी ने अरबाज खान को दिए इंटरव्यू में बताया था कि लेखक जोड़ी सलीम-जावेद को शुरुआत में अमजद खान की आवाज पर भरोसा नहीं था। उनका मानना था कि गब्बर की आवाज डब करानी चाहिए।

हालांकि, रमेश सिप्पी इस फैसले के पक्ष में नहीं थे। उनका मानना था कि अमजद खान की अलग और अनोखी आवाज ही इस किरदार की सबसे बड़ी ताकत है।

हाल ही में अमजद खान के बेटे शादाब खान ने भी इस किस्से का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अमिताभ बच्चन ने भी रमेश सिप्पी से साफ कहा था, ‘इसकी आवाज को बिल्कुल मत छेड़ना, यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।’

रमेश सिप्पी ने अमिताभ की बात का समर्थन किया और अमजद खान की असली आवाज को ही फिल्म में रखा। नतीजा यह हुआ कि वही आवाज हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार और खौफनाक आवाजों में शामिल हो गई।

ये सीन अमिताभ बच्चन और अमजद खान की फिल्म याराना का है। दोनों ने साथ में कई फिल्मों में काम किया, जिनमें 'शोले', 'मुकद्दर का सिकंदर', 'मिस्टर नटवरलाल', 'लावारिस' और 'सत्ते पे सत्ता' शामिल हैं।ये सीन अमिताभ बच्चन और अमजद खान की फिल्म याराना का है। दोनों ने साथ में कई फिल्मों में काम किया, जिनमें ‘शोले’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘मिस्टर नटवरलाल’, ‘लावारिस’ और ‘सत्ते पे सत्ता’ शामिल हैं।

जब टैरो रीडर ने पहले ही कह दिया था- ‘फिल्म इसी आदमी से चलेगी’

फिल्म ‘शोले’ की शूटिंग एक साल से ज्यादा समय से चल रही थी। लंबा शेड्यूल देखकर फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग रमेश सिप्पी का मजाक उड़ाते थे। इसी दौरान रमेश सिप्पी, अमजद खान को साथ लेकर मशहूर टैरो कार्ड रीडर डोलोरेस से मिलने पहुंचे। उस वक्त अमजद खान शूटिंग के बाद गब्बर सिंह के लुक में ही थे।

शादाब खान के मुताबिक, डोलोरेस ने टैरो कार्ड खोलते ही रमेश सिप्पी से कहा, ‘आपकी फिल्म सुपरहिट होगी। यह लगातार पांच साल तक चलेगी… और इसकी वजह यही आदमी होगा।’ इतना कहते हुए उन्होंने सीधे अमजद खान की ओर इशारा कर दिया था। रमेश सिप्पी और अमजद खान दोनों हैरान रह गए।

फिल्म ‘शोले’ का आइकॉनिक डायलॉग ‘अरे ओ सांभा, कितने आदमी थे?’ आज भी लोगों की जुबान पर है। अमजद खान को इस डायलॉग की प्रेरणा अपने घर के धोबी से मिली थी।

अमजद खान के घर जो धोबी कपड़े लेने आता था, वह लोगों को बड़े अनोखे अंदाज में ‘अरे ओ शांति…’ कहकर आवाज लगाता था।

जब अमजद खान को ‘शोले’ में गब्बर सिंह का किरदार निभाने का मौका मिला, तो उन्होंने उसी अंदाज को अपने अभिनय में शामिल कर लिया था।

एक हादसे ने बदल दी अमजद खान की पूरी जिंदगी

1976 में फिल्म ‘द ग्रेट गैम्बलर’ की शूटिंग के लिए अमजद खान अपने परिवार के साथ गोवा जा रहे थे। उनके बेटे शादाब खान ने बताया था कि कार अमजद खान खुद चला रहे थे। पीछे उनकी पत्नी शैला खान और शादाब बैठे थे। उस वक्त शैला अपनी बेटी अहलम के साथ प्रेग्नेंट थीं।

सुबह का समय था। रात की बारिश से सड़क गीली थी। तभी अचानक रास्ते में एक खराब ट्रक सामने आ गया, जिसके आसपास चेतावनी के लिए पत्थर रखे गए थे। ट्रक से बचने के लिए अमजद खान ने तुरंत गाड़ी मोड़ी, लेकिन गीली सड़क पर कार का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे एक पेड़ से जा टकराई।

हादसा इतना भयानक था कि अमजद खान की जान जाते-जाते बची। उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि शादाब की कॉलर बोन टूट गई। पूरे परिवार को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। हादसे की खबर मिलते ही अमिताभ बच्चन ने मुंबई से इलाज और बाकी इंतजाम किए थे।

अस्पताल में सत्यजीत रे ने कहा-मेरी फिल्म के लिए मत मरना

1976 के भीषण सड़क हादसे के बाद अमजद खान अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। कई बार उनकी हालत इतनी सीरियस हो जाती थी। उसी दौरान महान फिल्मकार सत्यजीत रे उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे।

अमजद खान उस वक्त पूरी तरह होश में भी नहीं थे। सत्यजीत रे उनके पास बैठे और बोले, ‘अमजद, मैं ‘शतरंज के खिलाड़ी’ बना रहा हूं और उसमें वाजिद अली शाह का किरदार सिर्फ तुम ही निभा सकते हो। अगर तुम्हें कुछ हो गया, तो मैं यह फिल्म ही नहीं बनाऊंगा। इसलिए मेरी फिल्म के लिए… मरना मत।’

शादाब खान ने बताया था कि उनके पिता उस समय बेहोशी और होश के बीच थे, लेकिन उन्होंने सत्यजीत रे की बातें महसूस कीं। आखिरकार अमजद खान मौत को मात देकर ठीक हुए और बाद में ‘शतरंज के खिलाड़ी’ में नवाब वाजिद अली शाह का यादगार किरदार निभाया।

फिल्म 'शतरंज के खिलाड़ी' साल 1977 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी पर आधारित थी।फिल्म ‘शतरंज के खिलाड़ी’ साल 1977 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी पर आधारित थी।

1976 में हुए भीषण सड़क हादसे में अमजद खान की कई हड्डियां टूट गईं, फेफड़ा क्षतिग्रस्त हो गया और गर्दन में गंभीर चोट आई। इसके बाद उन्हें लंबे समय तक गर्दन पर सपोर्ट कॉलर पहनना पड़ा।

करीब एक साल तक वह बिस्तर पर रहे। लगातार दवाइयों और आराम की वजह से उनका वजन तेजी से बढ़ने लगा। शादाब बताते हैं कि हादसे से पहले उनके पिता बेहद फिट थे। उन्हें क्रिकेट और बैडमिंटन का बहुत शौक था और वह शानदार खिलाड़ी भी थे। लेकिन दुर्घटना के बाद उनके पैर में लगी रॉड करीब 20 साल तक नहीं निकाली गई, जिससे वह पहले की तरह दौड़-भाग या व्यायाम नहीं कर सके। धीरे-धीरे उनका स्वास्थ्य गिरने लगा और बढ़ता वजन उनकी सबसे बड़ी परेशानी बन गया।

बेटे ने डॉक्टर पर हाथ उठा दिया था

27 जुलाई 1992 की शाम अमजद खान अपने कमरे में आराम कर रहे थे। दिनभर वह कई बार उठे, फिर दोबारा सो गए। परिवार को लगा कि वह सिर्फ थके हुए हैं।

शाम करीब 8 बजे बेटा शादाब खान घर लौटे। तभी उनकी मां ने कहा, “जाकर देखो… तुम्हारे डैड उठ नहीं रहे हैं।”

शादाब तुरंत कमरे में पहुंचे। उन्होंने पिता को उठाने की कोशिश की, लेकिन कोई हरकत नहीं हुई। उनका शरीर ठंडा पड़ चुका था।

शादाब खान ने 'राजा की आएगी बारात', 'बेताबी', 'हे राम' और 'स्कैम 1992: द हर्षद मेहता स्टोरी' जैसे प्रोजेक्ट में काम किया है।शादाब खान ने ‘राजा की आएगी बारात’, ‘बेताबी’, ‘हे राम’ और ‘स्कैम 1992: द हर्षद मेहता स्टोरी’ जैसे प्रोजेक्ट में काम किया है।

फौरन डॉक्टर को बुलाया गया। जांच के बाद डॉक्टर ने बताया कि अमजद खान को मैसिव हार्ट अटैक आया है और एक खास इंजेक्शन की जरूरत है। 18 साल के शादाब बिना एक पल गंवाए कार लेकर दवा लेने निकल पड़े। वह इतनी तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहे थे कि आज भी उन्हें हैरानी होती है कि रास्ते में कोई हादसा नहीं हुआ।

लेकिन जब वह इंजेक्शन लेकर लौटे, तो डॉक्टर ने सिर्फ एक वाक्य कहा, ‘तुम कुछ सेकेंड देर से पहुंचे।’

यह सुनते ही शादाब का गुस्सा और दर्द फूट पड़ा। उन्होंने डॉक्टर पर हाथ उठा दिया, घर का क्रॉकरी और कटलरी का सामान तोड़ डाला, दीवार पर मुक्के मार दिए और पिता के एक करीबी दोस्त से भी धक्का-मुक्की कर बैठे। बाद में हाल ही में शादाब ने स्वीकार किया कि उस वक्त वह सिर्फ 18 साल के थे। पिता को खोने का दर्द इतना गहरा था कि वह खुद पर काबू नहीं रख पाए।

अंडरवर्ल्ड ने अमजद खान के परिवार को फोन किया था अमजद खान के बेटे शादाब खान ने पत्रकार विकी लालवानी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता के निधन के कुछ महीने बाद उनके परिवार को अंडरवर्ल्ड से एक फोन आया था।

शादाब के मुताबिक, अमजद खान की फिल्मों की करीब ₹1.27 करोड़ फीस कई बड़े फिल्म निर्माताओं पर बकाया थी। यह रकम उस दौर में बेहद बड़ी थी, लेकिन परिवार को कभी वापस नहीं मिली।

इंटरव्यू में शादाब ने बताया कि मिडिल ईस्ट से जुड़े एक गैंगस्टर ने उनकी मां को फोन कर कहा था कि वह बॉलीवुड से यह पूरी रकम तीन दिनों के भीतर वसूल कर उनके घर पहुंचा सकता है। हालांकि, उनकी मां ने यह प्रस्ताव तुरंत ठुकरा दिया था। उन्होंने कहा था, ‘मेरे पति ने कभी अंडरवर्ल्ड की मदद नहीं ली। मैं उनके जाने के बाद भी ऐसी शुरुआत नहीं करना चाहती।’

…………..

यह खबर भी पढ़ें…

राजेश खन्ना की पुण्यतिथि:मां-बाप पाकिस्तान भागे, रिश्तेदारों ने पाला, आखिरी शब्द-पैकअप टाइम हो गया, बंगले में तोहफों के 65 सूटकेस मिले, जानिए मौत की कहानी

18 जुलाई 2012

दोपहर में खबर आई, सुपरस्टार राजेश खन्ना, ‘काका बाबू’ अब नहीं रहे। राजेश खन्ना पिछले कुछ दिनों से काफी बीमार थे। फैंस की भीड़ कई दिनों से उनकी सलामती के लिए कार्टर रोड स्थित आशीर्वाद बंगले के बाहर भीड़ लगाकर दुआ कर रहे थे। फिर जैसे ही हर न्यूज चैनल, फेसबुक, ट्विटर में उनकी मौत की खबर आई, जल्द ही आशीर्वाद के सामने मातम मना रहे फैंस का जन सैलाब आ गया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔Google Preferred Source CTAखबरें और भी हैं…

  • शाहरुख खान लंदन में मना रहे हैं वेकेशन: चेहरा छिपाए गौरी, आर्यन-अबराम के साथ टहलते दिखे; स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर चुप्पी के बीच वायरल हुई थी फर्जी पोस्ट

    चेहरा छिपाए गौरी, आर्यन-अबराम के साथ टहलते दिखे; स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर चुप्पी के बीच वायरल हुई थी फर्जी पोस्ट|बॉलीवुड,Bollywood - Dainik Bhaskar0:43Play videoPlay videoबॉलीवुड

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • सलमान खान की देर रात क्रिप्टिक पोस्ट: शर्टलेस तस्वीर के साथ लिखा, सलमान डर गया, जो डर गया वो मर गया; स्टूडेंट प्रोटेस्ट का किया था सपोर्ट

    शर्टलेस तस्वीर के साथ लिखा, सलमान डर गया, जो डर गया वो मर गया; स्टूडेंट प्रोटेस्ट का किया था सपोर्ट|बॉलीवुड,Bollywood - Dainik Bhaskar0:54Play videoPlay videoबॉलीवुड

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • भास्कर इंटरव्यूवैभव तत्ववादी बोले- नसीरुद्दीन शाह से सीखी असली एक्टिंग: संजय लीला भंसाली ने गले लगाकर कहा- “यू हैव डन अ फिनॉमिनल जॉब”

    संजय लीला भंसाली ने गले लगाकर कहा- 2:25Play videoPlay videoबॉलीवुड

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव पर भड़कीं मलाइका अरोड़ा: फोटो के लिए कुत्ते को बेरहमी से घसीटा गया, एक्ट्रेस बोलीं- ये बेवकूफ आदमी है कौन, वाहियात

    0:42Play videoPlay videoबॉलीवुड

    • कॉपी लिंक

    शेयर

Source link

dp

Related Posts

सिविल सर्विसेज के 19 खेलों के ट्रायल्स का बिगुल बजा:प्रयागराज में 6 अगस्त से शुरू होगी चयन प्रक्रिया

Hindi News Local Uttar pradesh Prayagraj Prayagraj Civil Services Sports Selection Trials | 2026 Schedule Update सिविल सर्विसेज के 19 खेलों के ट्रायल्स का बिगुल बजा:प्रयागराज में 6 अगस्त से…

हर उम्र के आदमी ने गिरी हुई भाषा बोली:स्टूडेंट प्रोटेस्ट में अभद्र भाषा इस्तेमाल होने पर भड़के अनुपम खेर, कहा- प्रधानमंत्री पर कही बातें सुन मन व्यथित

Hindi News Entertainment Bollywood Anupam Kher Slams Abusive Language In Student Protest | PM Modi Statement हर उम्र के आदमी ने गिरी हुई भाषा बोली:स्टूडेंट प्रोटेस्ट में अभद्र भाषा इस्तेमाल…

You Missed

सिविल सर्विसेज के 19 खेलों के ट्रायल्स का बिगुल बजा:प्रयागराज में 6 अगस्त से शुरू होगी चयन प्रक्रिया

  • By dp
  • July 27, 2026
  • 0 views
सिविल सर्विसेज के 19 खेलों के ट्रायल्स का बिगुल बजा:प्रयागराज में 6 अगस्त से शुरू होगी चयन प्रक्रिया

LIVE UPDATES: Wisconsin heat, severe weather chances Monday

  • By dp
  • July 27, 2026
  • 4 views
LIVE UPDATES: Wisconsin heat, severe weather chances Monday

अमजद खान की पुण्यतिथि:डिलीवरी के बाद बीवी को घर लाने के पैसे नहीं थे; ₹1.27 करोड़ की फीस अटकी, परिवार ने अंडरवर्ल्ड की मदद ठुकराई

  • By dp
  • July 27, 2026
  • 4 views
अमजद खान की पुण्यतिथि:डिलीवरी के बाद बीवी को घर लाने के पैसे नहीं थे; ₹1.27 करोड़ की फीस अटकी, परिवार ने अंडरवर्ल्ड की मदद ठुकराई

Cook Islands veteran lawn bowler honored to lead country as Commonwealth Games flag bearer – ABC Pacific

  • By dp
  • July 27, 2026
  • 5 views
Cook Islands veteran lawn bowler honored to lead country as Commonwealth Games flag bearer  – ABC Pacific

हर उम्र के आदमी ने गिरी हुई भाषा बोली:स्टूडेंट प्रोटेस्ट में अभद्र भाषा इस्तेमाल होने पर भड़के अनुपम खेर, कहा- प्रधानमंत्री पर कही बातें सुन मन व्यथित

  • By dp
  • July 27, 2026
  • 6 views
हर उम्र के आदमी ने गिरी हुई भाषा बोली:स्टूडेंट प्रोटेस्ट में अभद्र भाषा इस्तेमाल होने पर भड़के अनुपम खेर, कहा- प्रधानमंत्री पर कही बातें सुन मन व्यथित

Bold & Beautiful Spoilers for What Happens This Week (July 27-31)

  • By dp
  • July 27, 2026
  • 6 views
Bold & Beautiful Spoilers for What Happens This Week (July 27-31)