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देवरिया में सरयू खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर:24 घंटे में 85 सेमी बढ़ा जलस्तर, घाट की सीढ़ियां डूबीं; निगरानी बढ़ीअनुग्रह नारायण शाही | देवरिया7 मिनट पहले
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देवरिया में सरयू नदी पहली बार खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रविवार सुबह बरहज में सरयू का जलस्तर 66.90 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 66.50 मीटर से 40 सेंटीमीटर अधिक है। पिछले 24 घंटों में नदी के जलस्तर में लगभग 85 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। जलस्तर बढ़ने से बरहज के थाना घाट की पक्की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं और नदी का पानी तटबंधों पर दबाव बना रहा है, जिससे तटवर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।
इन नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा सरयू के अलावा, राप्ती और गोर्रा नदियों के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है। राप्ती नदी का पानी भदिला प्रथम गांव के चारों ओर फैल गया है, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। डौला तटबंध के साथ-साथ कटइलवा-कपरवार संगम तट और नवीन तटबंधों पर भी नदी का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
परसियां-विशुनपुर देवार क्षेत्र में सरयू का पानी मऊ जनपद के बिनटोलिया तक पहुंच गया है। तटवर्ती ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा, तो आसपास के अन्य मजरों में भी पानी प्रवेश कर सकता है। भरटोला और दसरसरिया सहित कई गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से चिंतित हैं।
राप्ती नदी का जलस्तर 67.40 मीटर दर्ज किया गया है, जो शनिवार शाम के 67.35 मीटर से 5 सेंटीमीटर अधिक है। वहीं, गोर्रा नदी 68.05 मीटर पर बह रही है। छोटी गंडक नदी के जलस्तर में भी 5 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है; यह शनिवार शाम 4 बजे 62 मीटर पर थी और रविवार सुबह 62.05 मीटर पर बह रही है। सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है।
चारों नदियों पर प्रशासन की नजर देवरिया जिले में सरयू, राप्ती, गोर्रा और छोटी गंडक नदियों के जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। सरयू खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुकी है, जबकि राप्ती और गोर्रा अभी खतरे के निशान से नीचे हैं। छोटी गंडक के जलस्तर में सुबह बढ़ोतरी के बाद शाम को स्थिति स्थिर रही। रुद्रपुर क्षेत्र में राप्ती का जलस्तर बढ़ने से मदनपुर-केवटलिया बांध पर नदी का दबाव बढ़ गया है। एसडीएम रुद्रपुर राजकुमार गुप्त ने बाढ़ खंड के अधिकारियों के साथ तटबंध का निरीक्षण किया और अलर्ट रहने के निर्देश दिए। अधिकारियों को बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अधीक्षण अभियंता ने तटबंधों का किया निरीक्षण सरयू के खतरे के निशान को पार करने के बाद बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता केपी सिंह ने शनिवार देर शाम भागलपुर क्षेत्र पहुंचकर तटबंधों का निरीक्षण किया। उन्होंने तटबंधों की ऊंचाई, कटाव वाले स्थानों और बोल्डर पिचिंग की स्थिति देखी। अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी रखने तथा रिसाव या कटाव की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश दिए। छित्तूपुर-भागलपुर तटबंध पर चल रहे कटानरोधी कार्यों की भी जानकारी ली। तटबंध पर बने जंगली जानवरों के बिल भरने और बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा। बाढ़ चौकियों पर तैनाती के निर्देश एसडीएम रुद्रपुर राजकुमार गुप्त ने केवटलिया तटबंध और बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ खंड के अधिकारियों को तटबंधों की मरम्मत का काम समय से पूरा कराने के निर्देश दिए। एसडीएम ने मदनपुर के पटवनियां गांव के ग्रामीणों से बातचीत कर नदी की स्थिति की जानकारी भी ली। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता उपेंद्र प्रसाद ने बताया कि सरयू और राप्ती का जलस्तर बढ़ रहा है और तटबंधों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। कपरवार में डौला तटबंध सुरक्षित है। रेनकट की मरम्मत कराई जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
भागलपुर में खतरे के निशान से 72 सेमी नीचे सरयू भागलपुर। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार शनिवार शाम चार बजे भागलपुर क्षेत्र में सरयू का जलस्तर 63.29 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यहां खतरे का निशान 64.01 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से 72 सेंटीमीटर नीचे है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 16 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। आयोग के अनुसार पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश तथा बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। अगले 24 घंटे में भी जलस्तर बढ़ने का अनुमान है। प्रशासन ने बीजीएम इंटर कॉलेज भागलपुर, जूनियर हाईस्कूल मईल, हाईस्कूल तेलिया कला और प्राथमिक विद्यालय बढ़ौना में बाढ़ राहत चौकियां स्थापित की हैं। राप्ती का पानी बढ़ा, भदिला प्रथम बना टापू राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से भदिला प्रथम गांव चारों ओर से पानी से घिर गया है। गांव से बाहर निकलने और पहुंचने के लिए ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। नदी का पानी तटबंधों पर भी दबाव बना रहा है। एसडीएम रुद्रपुर राजकुमार गुप्त ने मदनपुर-केवटलिया बांध का निरीक्षण कर अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। तटवर्ती ग्रामीणों के अनुसार जलस्तर बढ़ने के साथ पशुओं के चारे की समस्या भी बढ़ रही है। प्रशासन की ओर से बाढ़ चौकियों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ राहत चौकियां सक्रिय, चार स्कूलों में व्यवस्था नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ राहत चौकियों को सक्रिय कर दिया है। भागलपुर क्षेत्र में बीजीएम इंटर कॉलेज, जूनियर हाईस्कूल मईल, हाईस्कूल तेलिया कला और प्राथमिक विद्यालय बढ़ौना में बाढ़ राहत चौकी स्थापित की गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश तथा बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। अगले 24 घंटे में भी जलस्तर बढ़ने का अनुमान है। इसे देखते हुए प्रशासन ने तटवर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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