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जालौन में दलित युवक की हत्या के दोषी को उम्रकैद:एससी-एसटी कोर्ट ने सुनाया फैसला, 53 हजार जुर्माना भी लगाया; चाकू से किया था हमलाअनुज कौशिक | जालौन2 मिनट पहले
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जालौन के उरई शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पुराना रामनगर में करीब छह वर्ष पूर्व हुई दलित युवक की हत्या के मामले में एससी/एसटी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने युवक को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
बुधवार को एससी-एसटी एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सुरेश कुमार गुप्ता ने दोनों पक्षों की दलीलें, साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद नरेन्द्र यादव पुत्र बीर सिंह को हत्या समेत संबंधित धाराओं में दोषी ठहराया। शाम 8 बजे आए फैसले के बाद अदालत ने दोषी पर अलग-अलग धाराओं में कुल 53 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
शासन की ओर से मामले की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रणकेन्द्र सिंह भदौरिया ने बताया कि मामले की वादिनी रागिनी पुत्री रामनारायण जाटव निवासी नया रामनगर, अजनारी रोड, उरई ने 23 जून 2020 को कोतवाली उरई में तहरीर दी थी। तहरीर के मुताबिक 23 जून की सुबह करीब 9 बजे उसका भाई हेमंत घर के बाहर आया था। इसी दौरान उसने देखा कि नरेन्द्र यादव ने उसके घर के सामने मोटरसाइकिल खड़ी कर रखी थी। मोटरसाइकिल हटाने को कहने पर विवाद शुरू हो गया और गाली-गलौज होने लगी।
इसी दौरान नरेन्द्र का भाई गंगाचरण भी मौके पर पहुंच गया। शोर सुनकर परिवार की महिलाएं भी बाहर आ गईं और बीच-बचाव का प्रयास करने लगीं। आरोप था कि इसी दौरान नरेन्द्र यादव ने चाकू से हेमंत की गर्दन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल हेमंत को परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने प्रारंभ में मुकदमा अपराध संख्या 353/2020 में धारा 307, 324, 504, 506 और 34 आईपीसी तथा एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। हेमंत की अगले दिन मौत होने के बाद मामले में धारा 302 की बढ़ोतरी की गई। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट सुरेश कुमार गुप्ता की अदालत में चल रही थी। बुधवार को अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर नरेन्द्र यादव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बुधवार शाम 8 बजे आए आदेश के बारे में एडीजीसी रणकेन्द्र भदौरिया के अनुसार हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत 25-25 हजार रुपये समेत विभिन्न धाराओं में कुल 53 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
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