लीजेंड्री गायिका MS सुब्बुलक्ष्मी की बायोपिक में रश्मिका:जवाहरलाल नेहरू ने इनसे कहा था- आपके सामने मैं मामूली PM, जानिए क्यों गांधी जी थे फैन

  • Hindi News
  • Entertainment
  • Bollywood
  • MS Subbulakshmi Biopic Launch | Rashmika Mandanna Lead Role Chennai

लीजेंड्री गायिका MS सुब्बुलक्ष्मी की बायोपिक में रश्मिका:जवाहरलाल नेहरू ने इनसे कहा था- आपके सामने मैं मामूली PM, जानिए क्यों गांधी जी थे फैन10 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

लीजेंड्री गायिका MS सुब्बुलक्ष्मी पर बायोपिक बनेगी। रश्मिका मंदाना फिल्म में उनका किरदार निभाएंगी। फिल्म का आधिकारिक लॉन्च 16 सितंबर 2026 को उनकी 110वीं जयंती पर चेन्नई के द म्यूजिक एकेडमी में किया गया।

गौतम तिन्ननुरी फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं, जो पहले ‘जर्सी’ और ‘किंगडम’ जैसी हिट फिल्में बना चुके हैं। रश्मिका से पहले साई पल्लवी का नाम इस बायोपिक के लिए सामने आया था। रश्मिका पहली बार ऐसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शख्सियत का किरदार निभाएंगी, जिसकी पहचान मुख्य रूप से कर्नाटक शास्त्रीय संगीत से जुड़ी है।

महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू भी थे फैन

एस.एस.सुब्बूलक्ष्मी कर्नाटक की महान गायिका थीं, जिनके गाए हुए भजन विष्णु सहास्त्रनामम को यूट्यूब पर 10 करोड़ बार सुना जा चुका है। वहीं भजन गोविंदम को 17 मिलियन और श्री वेंकटेश्वरा सुप्रभातम को 47 मिलियन बार सुना गया है। पद्मश्री से लेकर भारत रत्न तक, ऐसा कोई नामी अवॉर्ड नहीं जो इनके नाम ना हो। आवाज में वो आकर्षण था कि महात्मा गांधी और पं. जवाहरलाल नेहरू भी इनके प्रशंसकों में से एक रहे। महात्मा गांधी खास फरमाइश पर इनसे रघुपति राघव राजा राम सुनते थे। नीली साड़ी इन पर इतनी जंचती थी कि इनके नाम पर ही उस रंग का नाम एमएस ब्लू रख दिया गया।

जानिए कैसे देश की सबसे बड़ी गायिका बनीं एम.एस.सुब्बूलक्ष्मी?

एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी उर्फ कुंजम्मा का जन्म 16 सितंबर 1916 को मदुरै (तमिलनाडु) में हुआ था। उनकी मां शानमुकावादिर अम्माल देवदासी समाज का हिस्सा थीं जो वीणा बजाती थीं और पिता सुब्रमण्यम अय्यर एक सिंगर। मां ने उनकी ट्रेनिंग मशहूर पं. नारायण राव व्यास से करवाई और महज 10 साल की उम्र में उन्होंने पहली रिकॉर्डिंग की।

सुब्बुलक्ष्मी मां की स्टेज परफॉर्मेंस के दौरान उनका साथ देते हुए भजन गाया करती थीं। उनकी पहली परफॉर्मेंस 1929 में मद्रास म्यूजिक एकेडमी के मंच पर हुई, तब वो महज 13 साल की थीं।

द वायर को दिए इंटरव्यू में सुब्बुलक्ष्मी ने बताया था कि एक दिन वो घर के बाहर बैठीं मिट्टी का घर बना ही रही थीं कि कोई उन्हें उठाकर सीधे मां के पास मंच पर ले गया। मां करीब 50-100 लोगों के सामने परफॉर्म कर रही थीं और वो चाहती थीं कि सुब्बुलक्ष्मी भी चंद गाने सुनाएं। उन्होंने मिट्टी से सने हाथ पोछे और गाना शुरू किया, तो म्यूजिक एकेडमी तालियों से गूंज उठी। इसके बाद उन्हें लगातार गाने के मौके दिए जाने लगे।

उस जमाने के मशहूर पत्रकार टी. सदाशिवम ने 1936 में हुई एक सुब्बुलक्ष्मी की इस परफॉर्मेंस के बाद तमिल वीकली मैगजीन आनंदा विकातम में फ्रंटपेज आर्टिकल लिखा, जिसके बाद उनके कॉन्सर्ट में भारी भीड़ पहुंचने लगी। काम के सिलसिले में हुई मुलाकात के बाद दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और परिवार के खिलाफ जाकर शादी की।

पति सदाशिव के साथ एम.एस.सुब्बुलक्ष्मी।पति सदाशिव के साथ एम.एस.सुब्बुलक्ष्मी।

सदाशिवम जानते थे कि सुब्बुलक्ष्मी का हुनर सिर्फ मंच तक सीमित रहने के लिए नहीं है। फिल्ममेकर के. सुब्रह्मण्यम से सिफारिश कर सदाशिवम ने सुब्बुलक्ष्मी को फिल्म सेवासदन में लीड रोल दिलवाया। 1938 की ये फिल्म जबरदस्त हिट रही और सुब्बुलक्ष्मी साउथ का बड़ा नाम बनकर उभरीं।

सुब्बुलक्ष्मी के गानों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए पति सदाशिवम ने खुद पैसे लगाकर फिल्में बनाने का फैसला किया। सुब्बुलक्ष्मी के सुझाव पर सदाशिवम ने मीराबाई पर पहली फिल्म मीरा (1945) बनाई।

फिल्म मीरा का निर्देशन अमेरिकन फिल्ममेकर एलिस आर. डंगन ने किया था।फिल्म मीरा का निर्देशन अमेरिकन फिल्ममेकर एलिस आर. डंगन ने किया था।

फिल्म में सुब्बुलक्ष्मी को ही मीराबाई का लीड रोल दिया गया। मीरा का रोल निभाने के लिए सुब्बुलक्ष्मी खुद उन सभी जगहों पर जाकर रहीं, जहां मीरा ने कृष्ण भक्ति में समय बिताया था। 1944 में फिल्म की शूटिंग न्यूटोन स्टूडियो, मद्रास में शुरू हुई, जिसके बाद टीम ने जयपुर, वृंदावन, चित्तौड़ और द्वारका का चयन किया।

फिल्म के कॉन्सेप्ट से प्रभावित होकर उदयपुर के महाराजा ने हाथी-घोड़ों के साथ फिल्म बनाने के लिए अपना पैलेस इस्तेमाल करने की इजाजत से लेकर हर तरह से मदद की।

महाराजा के मंत्री की मदद से उन्हें शाही हाथी-घोड़े मिले और साथ ही महल में कहीं भी कभी भी शूटिंग करने की इजाजत भी। शूटिंग के लिए महल की शाही डांसर्स भी दी गईं। फिल्म में नजर आए कई एक्स्ट्रा कलाकार भी शाही लोग थे।

136 मिनट की फिल्म में थे सुब्बुलक्ष्मी के 20 गाने

3 नवंबर 1945 को दिवाली पर फिल्म मीरा रिलीज की गई। 136 मिनट की इस फिल्म में 20 गाने थे, जो सुब्बुलक्ष्मी ने ही गाए थे। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर इतनी बड़ी हिट रही कि दो साल बाद कुछ सीन को रीशूट कर 1947 में हिंदी में मीराबाई नाम से फिर रिलीज किया गया था।

इंदिरा गांधी के साथ ली गई एम.एस.सुब्बुलक्ष्मी की तस्वीर।इंदिरा गांधी के साथ ली गई एम.एस.सुब्बुलक्ष्मी की तस्वीर।

प्रीमियर में पहुंचे थे माउंटबेटन, राजेंद्र प्रसाद, इंदिरा गांधी, जवाहरलाल नेहरू

21 नवंबर 1947 को मीराबाई फिल्म रिलीज हुई, जिससे सुब्बुलक्ष्मी तमिल स्टार से नेशनल स्टार बन गईं। फिल्म में सरोजिनी नायडू ने सुब्बुलक्ष्मी का परिचय करवाते हुए उन्हें नाइटेंगल ऑफ इंडिया (भारत की बुलबुल) नाम दिया था। फिल्म के प्रीमियर में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी पहुंचे थे। इनके अलावा लॉर्ड माउंटबेटन, राजेंद्र प्रसाद, विजयालक्ष्मी पंडित और इंदिरा गांधी जैसी देश की अन्य बड़ी हस्तियां भी थीं। फिल्म देखने के बाद जवाहरलाल नेहरू और माउंटबेटन सुब्बुलक्ष्मी के फैन बन गए थे।

एम.एस.सुब्बुलक्ष्मी के साथ जवाहरलाल नेहरू।एम.एस.सुब्बुलक्ष्मी के साथ जवाहरलाल नेहरू।

फिल्म मीरा तमिल सिनेमा में म्यूजिकल कल्ट साबित हुई। ये फिल्म आज भी भारत की 100 सबसे महान फिल्मों की लिस्ट में शामिल है। मीरा हिट होने के बाद उन्हें कई फिल्मों के ऑफर मिले, लेकिन उन्होंने फिल्मों से हमेशा के लिए रिश्ता तोड़ लिया।

जवाहरलाल नेहरू ने कहा था- आपके सामने मैं मामूली प्रधानमंत्री हूं

द प्रिंट के अनुसार, 1953 में दिल्ली में हुए कर्नाटक समारोह में सुब्बुलक्ष्मी को प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के सामने गाने का मौका मिला। जवाहरलाल नेहरू इस बार खुद को उनकी तारीफ करने से नहीं रोक सके। उन्होंने सुब्बुलक्ष्मी के पास जाकर कहा- आपकी आवाज में दिलों के तार हिला देने की ताकत है, मैं आपके सामने क्या हूं, सिर्फ एक मामूली प्रधानमंत्री।

गांधी जी भी फैन थे, सामने बैठाकर करते थे गाने की गुजारिश

स्वतंत्रता संग्राम में साथ काम करते हुए महात्मा गांधी और सुब्बुलक्ष्मी की दोस्ती हो गई। गांधी जी को उनकी आवाज इतनी पसंद थी कि उन्होंने कई बार सुब्बुलक्ष्मी से सामने बैठकर रघुपति राघव राजा राम सुनाने की गुजारिश की। 2 अक्टूबर 1947 को महात्मा गांधी ने दिल्ली में सुब्बुलक्ष्मी के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन करवाया। दरअसल, गांधी जी सुब्बुलक्ष्मी की आवाज में अपना भजन ‘हरि तुम हरो’ सुनना चाहते थे। सुब्बुलक्ष्मी उसे ठीक तरह गा नहीं पा रही थीं, तो उन्होंने सुझाव दिया कि गाना किसी दूसरी गायिका को दिया जाए, लेकिन ये सुझाव खारिज कर दिया गया।

किसी वजह से सुब्बुलक्ष्मी कार्यक्रम में नहीं पहुंच सकीं। सुब्बुलक्ष्मी माफी चाहती थीं, इसके लिए उन्होंने 1 अक्टूबर की आधी रात तक कोशिश कर हरि तुम हरो रिकॉर्ड किया और सुबह वाली फ्लाइट से रिकॉर्डिंग महात्मा गांधी तक पहुंचाई।

1944 में एम.एस.सुब्बुलक्ष्मी के लिए लिखा गया गांधी जी का लेटर।1944 में एम.एस.सुब्बुलक्ष्मी के लिए लिखा गया गांधी जी का लेटर।

गांधी जी की हत्या के बाद कई महीनों तक नहीं गाया भजन

जब 30 जनवरी 1948 को सुब्बुलक्ष्मी ने गांधी जी की हत्या की खबर सुनी तो वो बेहोश हो गईं। उन्हें इतना सदमा लगा कि उन्होंने कई महीनों तक हरि तुम हरो भजन नहीं गाया।

एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी के नाम पर है रंग

सुब्बुलक्ष्मी कांजीवरम साड़ियों की बड़ी शौकीन थीं। मुथु चेट्टियार नाम के एक बुनकर ने सुब्बुलक्ष्मी के लिए मिडिल सी ब्लू रंग की साड़ी डिजाइन की थी। सुब्बुलक्ष्मी को ये रंग इतना पसंद आया कि वो अक्सर कॉन्सर्ट में इसी रंग की साड़ी पहनने लगीं। ये रंग उनके द्वारा इतना पहना गया कि उनकी शताब्दी समारोह में उनके नाम पर मिडिल ब्लू कलर को एमएस ब्लू रंग नाम दिया गया।

विदेश में परफॉर्म करने वाली पहली भारतीय सिंगर थीं सुब्बुलक्ष्मी

भारत में पॉपुलैरिटी मिलने के बाद एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी ने 1966 में यूनाइटेड नेशन्स जनरल एसेंबली के लिए न्यूयॉर्क में परफॉर्मेंस देकर इतिहास रचा। ये विदेश में परफॉर्म करने वाली पहली भारतीय हैं। आगे इन्होंने लंदन, कनाडा से लेकर कई दूसरे देशों में भी परफॉर्मेंस दी।

पति की मौत के बाद छोड़ी गायिकी

1997 में पति कल्कि सदाशिवम की मौत के बाद एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी ने गायिकी छोड़ दी और खोट्टुपुरम, चेन्नई में रहने लगीं। 7 साल बाद 11 दिसंबर 2004 को एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी का भी निधन हो गया।

.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔Google Preferred Source CTA

    Source link

    dp

    Related Posts

    हैलोवीन पर ‘नगिना’ के श्रीदेवी वाले लुक में दिखीं जाह्नवी:ओरी बने ऋषि कपूर, फिल्म के आइकॉनिक पलों को किया रीक्रिएट; देखें तस्वीरें

    Hindi News Entertainment Bollywood Janhvi Kapoor & Orry Recreate Nagina Iconic Look | Halloween Photos हैलोवीन पर ‘नगिना’ के श्रीदेवी वाले लुक में दिखीं जाह्नवी:ओरी बने ऋषि कपूर, फिल्म के…

    नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में खुली लाइब्रेरी:लॉन्च इवेंट में पहुंचे करीना-सैफ और शाहिद-मीरा, बेटी न्यासा के साथ नजर आईं काजोल

    Hindi News Entertainment Bollywood NMACC Library Launch Mumbai | Kareena Saif & Shahid Meera Spotted At Event नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में खुली लाइब्रेरी:लॉन्च इवेंट में पहुंचे करीना-सैफ और…

    You Missed

    Nebraska’s perfect fumble run in 2026 might be Matt Rhule’s most underrated turnaround

    • By dp
    • November 1, 2026
    • 3 views
    Nebraska’s perfect fumble run in 2026 might be Matt Rhule’s most underrated turnaround

    हैलोवीन पर ‘नगिना’ के श्रीदेवी वाले लुक में दिखीं जाह्नवी:ओरी बने ऋषि कपूर, फिल्म के आइकॉनिक पलों को किया रीक्रिएट; देखें तस्वीरें

    • By dp
    • November 1, 2026
    • 3 views
    हैलोवीन पर ‘नगिना’ के श्रीदेवी वाले लुक में दिखीं जाह्नवी:ओरी बने ऋषि कपूर, फिल्म के आइकॉनिक पलों को किया रीक्रिएट; देखें तस्वीरें

    JACKSON THOMPSON: Angel Reese trash talk timeline, from mocking Caitlin Clark to beefing with Bidens

    • By dp
    • November 1, 2026
    • 5 views
    JACKSON THOMPSON: Angel Reese trash talk timeline, from mocking Caitlin Clark to beefing with Bidens

    नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में खुली लाइब्रेरी:लॉन्च इवेंट में पहुंचे करीना-सैफ और शाहिद-मीरा, बेटी न्यासा के साथ नजर आईं काजोल

    • By dp
    • November 1, 2026
    • 5 views
    नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में खुली लाइब्रेरी:लॉन्च इवेंट में पहुंचे करीना-सैफ और शाहिद-मीरा, बेटी न्यासा के साथ नजर आईं काजोल

    Flash flood warning extended for Kauai as heavy showers drench island | Honolulu Star-Advertiser

    • By dp
    • November 1, 2026
    • 5 views
    Flash flood warning extended for Kauai as heavy showers drench island | Honolulu Star-Advertiser

    500 किमी दूर परीक्षा केंद्र बनने से अभ्यर्थी परेशान:फर्रुखाबाद स्टेशन पर रात गुजार रहे अभ्यर्थी बोले सरकार से अनुरोध इतनी दूर न डाला करें सेंटर

    • By dp
    • November 1, 2026
    • 5 views
    500 किमी दूर परीक्षा केंद्र बनने से अभ्यर्थी परेशान:फर्रुखाबाद स्टेशन पर रात गुजार रहे अभ्यर्थी बोले सरकार से अनुरोध इतनी दूर न डाला करें सेंटर