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सलमान की ‘मातृभूमि’ को रक्षा मंत्रालय की मंजूरी नहीं:दूसरी स्क्रीनिंग के बाद भी अटकी फिल्म; सेंसर सर्टिफिकेट और रिलीज डेट पर सस्पेंस कायम2 घंटे पहले
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सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ की रिलीज पर संकट बना हुआ है। अक्टूबर की शुरुआत में रक्षा मंत्रालय के लिए फिल्म की दूसरी स्क्रीनिंग हुई थी, लेकिन अब तक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) नहीं मिला है। इसके बिना मेकर्स सेंसर बोर्ड से प्रमाणन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा सकते। फिल्म की रिलीज डेट को लेकर भी असमंजस बना हुआ है।
फिल्म पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ नाम से बनाई जा रही थी। इसकी कहानी 2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुए संघर्ष पर आधारित है। रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय के सुझावों के बाद फिल्म के कुछ हिस्से दोबारा शूट किए गए और संशोधित संस्करण की स्क्रीनिंग कराई गई। इसके बावजूद अंतिम मंजूरी का इंतजार है।
दूसरी स्क्रीनिंग के बाद भी नहीं मिली मंजूरी
मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, पहली स्क्रीनिंग में रक्षा मंत्रालय ने कुछ बदलाव सुझाए थे। इसके बाद फिल्म की टीम ने सुझावों के आधार पर कुछ दृश्य दोबारा शूट किए और कहानी की प्रस्तुति में भी बदलाव किए।
अक्टूबर की शुरुआत में फिल्म का संशोधित संस्करण मंत्रालय के सामने पेश किया गया। इस स्क्रीनिंग में सलमान खान, निर्देशक अपूर्व लाखिया और उनकी टीम शामिल थी। हालांकि, दूसरी स्क्रीनिंग के बाद भी मेकर्स को मंत्रालय की अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।
इस घटनाक्रम से फिल्म की रिलीज योजना प्रभावित हो सकती है। मेकर्स के लिए फिलहाल जरूरी है कि रक्षा मंत्रालय से NOC मिल जाए, ताकि आगे की औपचारिकताएं पूरी हो सकें।
पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ था फिल्म का नाम
सलमान खान की इस फिल्म की घोषणा ‘बैटल ऑफ गलवान’ नाम से हुई थी। फिल्म की कहानी 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुए संघर्ष से प्रेरित है। इस दौरान दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी।
फिल्म में सलमान खान भारतीय सेना के एक अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट को लेकर शुरुआत से ही उत्सुकता रही है, क्योंकि सलमान लंबे समय बाद भारतीय सेना और सीमा पर हुए संघर्ष से जुड़ी कहानी में नजर आने वाले हैं।
बाद में फिल्म का नाम बदलकर ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ कर दिया गया। इसके बाद फिल्म की कहानी और प्रस्तुति को लेकर भी चर्चाएं हुईं। हालांकि, नाम बदलने की पूरी वजह और फिल्म में किए गए बदलावों पर मेकर्स की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
मंत्रालय के सुझावों के बाद किए गए बदलाव
रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय के सुझावों के बाद फिल्म के कुछ हिस्से दोबारा शूट किए गए। इसके बाद संशोधित फिल्म की दूसरी स्क्रीनिंग हुई। हालांकि, रिपोर्ट में मंत्रालय के सभी सुझावों का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है।
सेना और वास्तविक सैन्य घटनाओं पर आधारित फिल्मों में तथ्यों और उनके चित्रण को लेकर विशेष सावधानी बरती जाती है। ‘मातृभूमि’ के लिए भी मंत्रालय की मंजूरी आगे की प्रक्रिया में अहम है।
फिलहाल स्पष्ट नहीं है कि मंत्रालय फिल्म में और बदलाव करने को कहेगा या मौजूदा संस्करण को मंजूरी देगा। आधिकारिक जानकारी आने तक मंजूरी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होगी।
सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया भी मंजूरी पर निर्भर
रिलीज से पहले मेकर्स को सेंसर बोर्ड से प्रमाणन लेना होगा। रक्षा मंत्रालय से NOC नहीं मिलने के कारण वे प्रमाणन के लिए आवेदन नहीं कर सकते। फिल्म की रिलीज से पहले एक अहम प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद ही सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया और रिलीज से जुड़ी योजनाओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिल्म की रिलीज को लेकर पहले भी मीडिया रिपोर्ट्स में संभावित तारीखों की चर्चा हुई थी। हालांकि, फिलहाल किसी तारीख को अंतिम मानना सही नहीं होगा। मेकर्स की आधिकारिक रिलीज डेट की घोषणा का इंतजार है।
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