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बलरामपुर में बारिश से सड़कें जर्जर:गहरे गड्ढों में फंसकर गिर रहे बाइक सवार, दुर्घटनाएं बढ़ींसुजीत कुमार | बलरामपुर2 मिनट पहले
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बलरामपुर में बारिश के कारण नगर की सड़कें राहगीरों के लिए खतरनाक बन गई हैं। कई मोहल्लों में गहरे गड्ढे पानी से भर गए हैं, जिससे उनका अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है। इसके चलते बाइक और साइकिल सवार आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। नगर के तुलसीपार्क और नई बस्ती जैसे वीआईपी मोहल्लों में स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है।
तुलसीपार्क को जाने वाले मुख्य मार्ग पर सीवर और पेयजल पाइपलाइन डालने के लिए सड़क खोदी गई थी। कार्य पूरा होने के बाद कार्यदायी संस्था ने गड्ढों को केवल मिट्टी से भरकर छोड़ दिया। बारिश के कारण मिट्टी धंस गई, जिससे गहरे गड्ढे बन गए। पानी भरने के बाद ये गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। मुख्य मार्ग के एक ओर खुली नाली होने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
सड़कों पर गड्ढों में पानी भरने और कीचड़ से बाइक सवार फिसल रहे हैं।
इसी तरह, नई बस्ती में भी सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़क खोदी गई थी। पाइप डालने के बाद मिट्टी तो भर दी गई, लेकिन सड़क की पक्की मरम्मत नहीं की गई। अब बारिश में पूरी सड़क जलमग्न हो जाती है और कमजोर मिट्टी लगातार धंस रही है। हाल ही में, बाइक सवार वसीम इसी तरह के एक गड्ढे में फंसकर गिर गए, जिन्हें आसपास के लोगों ने उठाया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस क्षेत्र में आए दिन लोग गिरकर चोटिल होते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सीवर और पेयजल पाइपलाइन डालने वाली कंपनी ने जगह-जगह खुदाई कर रखी है।
तुलसीपार्क और नई बस्ती के अलावा, नगर के पुरैनिया तालाब, सराय फाटक, अलीजानपुरवा, गोविंदबाग, चिकनी और पूरबटोला सहित कई अन्य मोहल्लों में भी सड़कें गड्ढों से भरी हुई हैं। बारिश के कारण ये गड्ढे और अधिक खतरनाक हो गए हैं।
इस संबंध में, नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू ने बताया कि सीवर और पेयजल पाइपलाइन डालने वाली कार्यदायी संस्था से सड़क मरम्मत के लिए कई बार पत्राचार किया गया है। उन्होंने बताया कि जल निगम ने गड्ढों की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया है और इसके लिए एक पुनः स्मरण पत्र भी भेजा गया है।
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