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दुष्कर्म, अपहरण मामले में दोषी को 10 साल की सजा:अयोध्या कोर्ट ने रौनाही के बैजनाथ निषाद को दोषी करार दियाअयोध्या3 मिनट पहले
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अयोध्या के फास्ट ट्रैक कोर्ट (एफटीसी-प्रथम) ने 14 साल पुराने दुष्कर्म और अपहरण के एक मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला गुरुवार को सुनाया गया।
यह मामला वर्ष 2012 में रौनाही थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 363 अपहरण, 366 महिला को शादी के लिए मजबूर करने के इरादे से अपहरण और 376 दुष्कर्म शामिल थीं। आरोपी बैजनाथ निषाद पुत्र हौसिला प्रसाद, निवासी पूरे छतई का पुरवा, सारंगापुर, थाना रौनाही, जनपद अयोध्या पर वादी की बहन को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप सिद्ध हुआ।
सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। धारा 366 भादवि के तहत उसे 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 7 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। वहीं, धारा 376(1) भादवि के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। यदि आरोपी अर्थदंड अदा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक श्री सीतश चन्द्र देवरस ने प्रभावी पैरवी की। विवेचक उपनिरीक्षक उपेंद्र प्रताप सिंह ने साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त, पैरोकार कांस्टेबल पवन कुमार और कांस्टेबल अजीत कुमार, कोर्ट मोहर्रिर उपनिरीक्षक शिवदास सिंह तथा पुलिस की मॉनीटरिंग सेल की भूमिका भी सराहनीय रही।
अयोध्या पुलिस ने बताया कि ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसका उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और पीड़ितों को न्याय दिलाना है।
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