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कन्नौज में निपुण संकल्प कार्यशाला का आयोजन:निपुण भारत मिशन की रणनीति पर हुआ मंथन, बच्चों के कौशल विकास पर जोरविकास अवस्थी | कन्नौज2 मिनट पहले
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कन्नौज में बेसिक शिक्षा विभाग ने नारायण पैलेस में “निपुण संकल्प कार्यशाला” का आयोजन किया। इस कार्यशाला में कन्नौज, फर्रुखाबाद और हरदोई के खंड शिक्षा अधिकारी, डायट मेंटर, एसआरजी, एआरपी तथा शिक्षा विभाग के अकादमिक विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य निपुण भारत मिशन की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श करना था।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) राजेंद्र कुमार श्रीवास ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार ने डॉ. अमित कुमार, संजय कुमार गुप्ता और योगेंद्र सिंह (वरिष्ठ प्रवक्ता, डायट हरदोई) जैसे अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र श्रीवास ने शिक्षकों से बच्चों में भाषा, गणित और सामान्य ज्ञान के साथ-साथ सुनने, समझने और अभिव्यक्ति के कौशल विकसित करने पर विशेष बल देने का आह्वान किया।
राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ के गुणवत्ता प्रकोष्ठ से आए विशेषज्ञ शिवेश कुमार ने विद्यालयों में पठन संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने बच्चों को अधिक से अधिक पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रेरित करने की बात कही। शिवेश कुमार ने बताया कि 20 पुस्तकें पढ़ने वाले बच्चों को “सुपर-20”, 30 पुस्तकें पढ़ने वाले बच्चों को “सुपर-30” तथा पूरे शैक्षिक सत्र में सर्वाधिक पुस्तकें पढ़ने वाले विद्यार्थी को “चैम्पियन रीडर ऑफ द ईयर” के रूप में सम्मानित किया जाएगा।
नवंबर और दिसंबर माह में निपुण विद्यालय आकलन आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष कक्षा 1 और 2 के साथ-साथ कक्षा 3, 4 और 5 के विद्यार्थियों का भी आकलन होगा। कक्षा 3 से 5 का मूल्यांकन बेसलाइन आकलन के रूप में किया जाएगा, जबकि कक्षा 1 और 2 का मूल्यांकन निपुण प्लस ऐप के माध्यम से होगा। इसी आकलन के आधार पर विद्यालयों को निपुण विद्यालय घोषित किया जाएगा।
कार्यशाला में अकादमिक रणनीति, वार्षिक शैक्षिक कैलेंडर, परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण, प्रभावी कक्षा शिक्षण, टूल किट, कैच-अप टीचिंग, समीक्षा प्रणाली, एनबीएमसी पोर्टल के प्रभावी उपयोग और डेटा आधारित अनुश्रवण जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इस अवसर पर जिला समन्वयक (एमआईएस) विश्वनाथ शर्मा, शिक्षक ऋतम चतुर्वेदी, स्नेहलता द्विवेदी, गुंजन भदौरिया, रोशनी दुबे सहित कई अन्य शिक्षक भी उपस्थित रहे।
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